मनोरंजन

कभी ₹1 के लिए चाय बेचा तो कभी 300-400 रुपए के लिए अवार्ड्स बेचा, ऐसी है सुदेश लहरी की कहानी

मशहूर कॉमेडियन सुदेश लहरी अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और अंदाज के लिए जाने जाते हैं। सुदेश लहरी ने कई रियलिटी कॉमेडी शो और फिल्मों में काम किया है। मौजूदा समय में सुदेश लहरी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। पूरी दुनिया में प्रतिभाशाली एक्टर और कॉमेडियन के तौर पर यह जाने जाते हैं। मौजूदा समय में सुदेश लहरी के पास किसी भी चीज की कमी नहीं है। यह मुंबई में एक आलिशान अपार्टमेंट में रहते हैं।

सुदेश लहरी ने आज जो मुकाम हासिल किया है, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने अपने जीवन में कड़ी मेहनत के साथ साथ संघर्ष किया है। सुदेश लहरी के लिए यहां तक पहुंचने तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। भले ही आज सुदेश लहरी के पास रुपए-पैसों की कमी नहीं है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वह पैसे-पैसे के मोहताज हो गए थे। दो वक्त की रोटी के लिए पैसा जमा करना भी काफी मुश्किल हो जाता था।

गरीबी में बीता है बचपन

27 अक्टूबर 1968 को जालंधर में जन्मे सुदेश लहरी एक साधारण परिवार से आते थे। सुदेश लहरी के पिता एक सुनार थे लेकिन वह अपनी ज्यादातर कमाई अपनी शराब पीने की आदतों पर खर्च कर दिया करते थे। सुदेश लहरी का अधिकांश बचपन बेहद गरीबी में व्यतीत हुआ है। पिता के शराब पीने की लत उनके परिवार की गरीबी का एक बड़ा कारण थी। सुदेश लहरी कई बार अपने संघर्षों की कहानी को शेयर कर चुके हैं।

चाय की दुकान पर करते थे काम

सुदेश लहरी ने एक इंटरव्यू के दौरान यह बताया था कि उनके परिवार के पास सब्जियां खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे। कई बार तो नमक-रोटी खाकर ही उनको अपना पेट भरना पड़ता था। पूरे परिवार के पास सिर्फ एक जोड़ी चप्पल थी, जिससे सबका काम चलता था। वह स्कूल भी ना जा पाए क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी, जिसके चलते परिवार स्कूल की फीस भी नहीं सकता था।

सुदेश लहरी के बारे में ऐसा बताया जाता है कि उन्होंने चाय की दुकान तक पर काम किया है। ताकि परिवार की आर्थिक मदद कर सकें। इतना ही नहीं बल्कि सुदेश लहरी ने जब नाम कमाया, तो उसके बाद उनके जीवन में एक ऐसा भी मोड़ आया था जब उनको परिवार के लिए 300-400 रुपए में अपने अवार्ड्स बेचने पड़ गए थे।

“द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज” से मिली पहचान

सुदेश लहरी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में कई सालों तक चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा था। जीवन यापन करने के लिए उन्हें बचपन में कई काम करने पड़ते थे। सुदेश लहरी ने साल 2007 में रियलिटी शो “द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज” के तीसरे सीजन में परफॉर्मेंस दी। इस शो के बाद उन्हें पहचान मिली। वह चंदन प्रभाकर के बाद शो के सेकंड रनर अप रहे।

वहीं कपिल शर्मा इस सीजन के विजेता बने थे। इसके बाद सुदेश लहरी कई कॉमेडी शो का हिस्सा रहे हैं। वह ‘देख इंडिया देख’, ‘कॉमेडी सर्कस’ और ‘कॉमेडी क्लासेस’ जैसे कई शोज में नजर आ चुके हैं। सुदेश लहरी ने अपनी जिंदगी में कई प्रकार की उतार-चढ़ाव भरी परिस्थितियों का सामना किया है परंतु उनको अपने इस सफर पर पर गर्व होता है।

सुदेश लहरी ने एक इंटरव्यू के दौरान यह बताया था कि “मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात थी, जो मेरे साथ हुई। मैंने अभिनय की पढ़ाई नहीं की, ना ही मैं करूंगा। लेकिन उस समय अगर मैं कुल्फी बेच रहा था तो मैंने कुल्फीवाला की तरह काम किया, अगर मैं सब्जी बेच रहा था तो मैंने एक सब्जी विक्रेता की तरह काम किया। मैं कह सकता हूं कि हर चीज एक तरह से मेरे लिए अभिनय थी। आज अगर मुझे रिक्शा की सवारी करनी है, तो मैं वह आसानी से कर सकता हूं।”

आपको बता दें कि सुदेश लहरी ने अपने करियर में कई कॉमेडी शो में भाग लिया है और मंच और टीवी पर भी काम किया है। उन्होंने सलमान खान और असीन स्टारर ‘रेडी’ फिल्म में भी काम किया। सुदेश लहरी ने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। आज वह कॉमेडी की दुनिया के बादशाह हैं।

Related Articles

Back to top button