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आलू-प्याज बेचने वाले की बेटी ने पास की BPSC परीक्षा, बिटिया की कामयाबी पर फूट-फूटकर रोए पिता

इंसान अपने जीवन में बहुत कुछ करना चाहता है, परंतु हर कोई अपनी मंजिल हासिल नहीं कर पाता। ऐसा कहा जाता है कि उड़ान हौसलों से होती है। मन में कुछ करने का संकल्प हो तो मंजिल तक पहुंचने के रास्ते कितने भी कठिन क्यों न हों, तय हो जाते हैं। अगर आप अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं, तो उस मुकाम तक पहुंचने के लिए मार्ग में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा परंतु जिस इंसान में कुछ करने की चाहत है और उसके हौसले बुलंद हैं, तो कोई भी बाधा उसका मार्ग नहीं रोक सकती।

इसी बीच हम आपको बिहार के सारण जिले की एक बेटी के बारे में बताने जा रहे हैं। जब वह 2 बार अपने प्रयास में असफल हुई, तो उसने तीसरी बार फिर से हिम्मत जुटाई और वह कर दिखाया जो उसके जीवन का उद्देश्य बन गया था। बता दें कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की कंबाइड 66th भर्ती परीक्षा का रिजल्ट 4 अगस्त 2022 को जारी किया गया। कुल 685 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए। इन्हीं में एक नाम मढ़ौरा की रहने वाली जूही कुमारी का भी है।

पिता बेचते हैं आलू-प्याज

बिहार के सारण जिले मढौरा खुर्द की रहने वाली जूही कुमारी BPSC परीक्षा में 307वीं रैंक हासिल की और अपने परिवार का नाम रौशन कर दिया। इस खबर से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। जूही कुमारी के पिताजी का नाम अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता है, जो आलू और प्याज बेचते हैं, जिससे घर का खर्च चलाते हैं। जूही कुमारी तीन बहन और एक भाई में सबसे छोटी हैं। बचपन से ही जूही कुमारी होनहार छात्रा रहीं हैं। वहीं परिवार को भी जूही की काबिलियत पर पूरा भरोसा था।

भले ही परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पिता आलू-प्याज बेच कर अपने परिवार का पेट पालते थे परंतु उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। पिता ने बेटी को हमेशा पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं जूही भी भी मेहनत और लगन के साथ पढ़ती रहीं। मढौरा से इंटर पास करने के बाद छपरा से ग्रेजुएशन की। जूही की यही इच्छा थी कि वह अफसर बने।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

ग्रेजुएशन करने के बाद जूही BPSC की परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। उनको दो बार मेंस में असफलता का सामना करना पड़ा परंतु इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनके बड़े भाई में उनका हौसला बढ़ाया। वहीं पिता ने भी अपनी बेटी का पूरा साथ दिया। जूही ने खूब मेहनत की और आखिर में उनकी मेहनत रंग लाई। तीसरे प्रयास में उन्होंने सफलता प्राप्त कर ली।

जब बिटिया के अफसर बनने की खबर मिली तो परिवार और इलाके में जश्न का माहौल है। जूही के पिता अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता कहते नहीं थक रहे कि अब मैं एक अफसर का पिता बन गया हूं। मेरी बेटी ने तो कमाल ही कर दिया है। उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। वह रह-रहकर बेटी को सैल्यूट करते हैं।

बेटी की कामयाबी से रो पड़े पिता

एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब बिटिया की कामयाबी की खबर पिता ने सुनी, तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वह फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि मैंने बेटा और बेटी में कभी फर्क नहीं किया। मैंने सोच लिया था कि चाहे जमीन ही क्यों ना बेचनी पड़ी, बच्चों को पढ़ाएंगे। आगे उन्होंने कहा कि आज मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। यह खुशी के आंसू हैं। बेटी की सफलता से पूरा परिवार बहुत ज्यादा खुश है।

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