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चाणक्य नीति: घर में दिखने लग जाएं ऐसे संकेत, तो तुरंत हो जाइए सावधान, आता है आर्थिक संकट

हर इंसान यही चाहता है कि वह अपना जीवन सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण व्यतीत करें। उसको अपने जीवन में धन से जुड़ी हुई परेशानियों का सामना ना करना पड़े। परंतु कोई भी व्यक्ति आर्थिक रूप से कितना ही मजबूत क्यों ना हो, फिर भी जीवन में उसे कभी ना कभी धन से संबंधित परेशानी का सामना जरूर करना पड़ जाता है।

व्यक्ति चाहे कितना ही संभलकर खर्च करे या फिर कितना ही धन संचय कर ले परंतु जब समस्याएं घेरना शुरू करती हैं, तो आर्थिक संकट आदि का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि आचार्य चाणक्य को अपनी बुद्धिमता और विभिन्न विषयों में पारंगत होने के कारण आज भी श्रेष्ठ विद्वानों की श्रेणी में रखा जाता है। वह एक कुशल रणनीतिकार, कूटनीति और अर्थशास्त्री थे।

भले ही लोगों को आचार्य चाणक्य द्वारा रचित नीतिशास्त्र बहुत कठोर लगती हैं। लेकिन यह बातें लोगों को जीवन की सत्यता से अवगत कराती हैं और मुश्किलों से लड़ते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। अगर इन बातों पर गौर किया जाए, तो व्यक्ति कई तरह की परेशानियों से बचा रह सकता है।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में यह बताया है कि इन संकेतों से समझ जाना चाहिए कि घर पर आर्थिक संकट आने वाला है। तो चलिए जानते हैं आखिर यह संकेत कौन से हैं।

तुलसी का पौधा सूख जाना

वैसे देखा जाए तो हर घर में तुलसी का पौधा लगाया जाता है और तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। तुलसी का पौधा शुभता का प्रतीक होता है। ऐसे में आचार्य चाणक्य का बताना है कि अगर किसी व्यक्ति के घर में लगा हुआ तुलसी का पौधा एकाएक सूख रहा है, तो यह आने वाले आर्थिक संकट का एक संकेत होता है। इसलिए ऐसे में सावधानी बरतनी बहुत ही जरूरी है।

घर में क्लेश होना

जब घर के अंदर 4 लोग रहते हैं, तो ऐसे में थोड़ी बहस बाजी तो हो जाती है। हमारे कहने का मतलब यह है कि अगर घर में कई लोग हैं, तो उनके बीच विचारों का मतभेद हो सकता है। लेकिन आचार्य चाणक्य अनुसार मतभेद मिटाए जा सकते हैं लेकिन मतभेद हो गया है और घर में हमेशा झगड़ा होता रहेगा। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस घर में हमेशा सिर्फ क्लेश होता रहता है, उस घर में आर्थिक तरक्की संभव नहीं है। इसलिए यह आने वाले आर्थिक संकट का संकेत होता है।

घर में पूजा-पाठ ना होना

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस घर के अंदर पूजा पाठ नहीं होती है या लोग जहां ईश्वर का ध्यान नहीं लगाते हैं, उस घर में सुख समृद्धि आनी बंद हो जाती है। इतना ही नहीं बल्कि वहां पर लोगों के बीच में प्रेम भी कम हो जाता है और मतभेद ज्यादा बढ़ जाते हैं। यह भी आने वाले आर्थिक संकट का एक संकेत होता है।

बड़े-बुजुर्गों का अपमान करना

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि हमेशा घर के सभी बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। अगर आप उनका सम्मान नहीं करते हैं, तो उनके दिल को चोट लगती है। बड़े-बुजुर्गों के साथ इस प्रकार का व्यवहार करने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी में कभी खुश नहीं रह सकता है। अगर बड़े बुजुर्गों का घर में सम्मान नहीं किया जाए तो उस घर के अंदर सुख-समृद्धि नहीं आती है। यह आर्थिक संकट का एक संकेत माना जाता है।

शीशे का बार-बार टूटना

आचार्य चाणक्य के मुताबिक, अगर आपके घर में बार-बार शीशा टूटता है, तो यह धन हानि का संकेत है। इसके साथ ही घर में आने वाली दरिद्रता का भी संकेत होता है। इसलिए शीशा का बार बार टूटना भी आर्थिक संकट का संकेत देता है।

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