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इस शख्स से मोहब्बत की आशा पारेख को मिली ऐसी सजा कि ताउम्र रहना पड़ा कुंवारा, खुद बताई थी कहानी

बीते जमाने की बेहतरीन अभिनेत्री आशा पारेख को इस साल का दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिलने जा रहा है। ऐसे में इस पुरस्कार (Asha parekh dadasaheb phalke) की घोषणा के साथ ही एक बार फिर आशा पारेख सुर्खियों में आ चुकी हैं। हिंदी सिनेमा में उनके योगदान से लेकर उनकी यादगार फिल्मों के साथ ही वेटरन एक्ट्रेस के निजी जिंदगी के किस्से खूब खबरें बना रहे हैं। ऐसा ही एक किस्सा आशा पारेख की लव लाइफ (Asha parekh Love story) से जुड़ा है, जोकि आजकल खबरों में छाया हुआ है।

दरअसल, अभिनेत्री आशा पारेख ताउम्र अविवाहित रही हैं और इसके पीछे उनके अधूरे प्यार को वजह माना जाता है। चलिए आशा पारेख के फिल्मी सफर के साथ ही उनके निजी जिंदगी के इस किस्से को भी जानते हैं।

हिंदी सिनेमा में चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर टॉप एक्ट्रेस तक का रहा है शानदार सफर

गौरतलब है कि आशा पारेख ने साल 1952 में फिल्म ‘मां’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। इसके सालों बाद फिल्म ‘दिल दे के देखो’ में वो शम्मी कपूर के अपोजिट फीमेल लीड के रूप में नजर आईं और इस फिल्म ने आशा पारेख को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद आशा पारेख ने तीसरी मंज़िल, आन मिलो सजना, लव इन टोक्यो, दो बदन, उपकार, कन्यादान, कटी पतंग और मैं तुलसी तेरे आँगन की जैसी शानदार फिल्में दीं।

निर्देशक नासिर हुसैन के नाम कर दी अपनी पूरी जिंदगी

वहीं बात करें आशा पारेख की लव लाइफ (Asha parekh Love story) की तो उनका नाम करियर के शुरूआती दिनों में ही फिल्म निर्देशक नासिर हुसैन के साथ जुड़ गया था और सालों बाद तक इस अधूरे इश्क की कशिश कायम रही। दरअसल, आशा पारेख और नासिर हुसैन एक दूसरे को बेहद पसंद करते थें।

लेकिन नासिर हुसैन के पहले से ही शादीशुदा होने के कारण ये रिश्ता आगे नहीं बढ़ा सका। खुद आशा पारेख ने अपनी किताब और कुछ इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया है कि वो नासिर हुसैन की शादीशुदा जिंदगी में खलल नहीं डालना चाहती थी। इसलिए अकेले ही पूरी जिंदगी गुजारना मुनासिब समझा। इस तरह आशा पारेख बेहद सादगी से अपनी रिश्ते को निभा ले गई।

80वें जन्म दिन के मौके पर मिल रहा है दादा साहब फाल्के पुरस्कार

मालूम हो कि आशा पारेख के 80वें जन्म दिन से ठीक दो दिन पहले दादा साहब फाल्के पुरस्कार (Asha parekh dadasaheb phalke) मिल रहा है। बता दें कि 2 अक्टूबर को आशा जी अपना 80वां जन्मदिन मनाने वाली हैं, जबकि इस बार 30 सितंबर को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में ये पुरस्कार आशा पारेख और उनके फैंस के लिए खूबसूरत सौगात है।

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