धार्मिक

दुल्हन ससुराल जाती है तो कुमकुम से पैरों के निशान क्यों बनाती है? 90% लोग नहीं जानते सही जवाब

हिंदू धर्म में शादी को लेकर कई तरह के रीति रिवाज हैं। हल्दी से लेकर विदाई तक यहां हिंदू मान्यताओं के अनुसार अनेक रस्में की जाती है। जैसे विदाई के समय दुल्हन पीछे की ओर चावल उछाल कर मायके की समृद्धि की कामना करती है। इसके बाद जब वह ससुराल पहली बार जाती है तो गृह प्रवेश होता है। यहां भी वह चावल से भरा कलश पैरों से गिराती है और कुमकुम की थाली में पैर रखते हुए उसके लाल निशान ससुराल में बनाती है।

अब ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि नई नवेली दुल्हन से गृह प्रवेश के दौरान कुमकुम से पैरों के निशान क्यों बनवाए जाते हैं? वहीं ये दुल्हन चावल से भरे कलश को लात मारकर गिराती क्यों है? आज हम आपको इसके पीछे की असली मान्यता बताने जा रहे हैं। आप में से कई लोग इस परंपरा का असली मतलब नहीं जानते होंगे।

इसलिए दुल्हन बनाती है कुमकुम से पैरों के निशान

हिंदू धर्म में घर की महिलाओं को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। नई नवेली दुल्हन भी धन की देवी लक्ष्मी का स्वरूप होती है। मां लक्ष्मी को लाल रंग प्रिय होता है। उनके पैर हमेशा लाल रंग से रंगे रहते हैं। इसलिए वह जहां भी चलती हैं वहां अपने लाल पैरों की छाप छोड़ जाती है।

नई नवेली दुल्हन को भी विवाह के समय मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसलिए जब वह कुमकुम की थाली में पैर रखकर ससुराल में निशान बनाते हुए गृह प्रवेश करती है तो यह इस बात का प्रतीक होता है कि उसके आगमन से मां लक्ष्मी का आगमन भी घर में होगा।

इस रस्म का एक मतलब ये भी है कि ये लाल रंग दुल्हन को लोगों की बुरी नजर से बचाएगा। इसके साथ ही दुल्हन के आगमन से घर में सुख, शांति और समृद्धि आएगी। इससे उसका वैवाहिक जीवन सुखद तरीके से बीतेगा। वह सदा सुहागन रहेगी। घर में इसी तरह हमेशा शुभ कार्य होते रहेंगे।

गृह प्रवेश में दुल्हन के चावल का कलश गिराने का मतलब

दुल्हन जब ससुराल में पहली बार कदम रखती हैं तो दरवाजे की दहलीज पर एक चावल से भरा कलश रखा होता है। दुल्हन उस कलश को अपने दाहिने पैर से लात मारकर घर के अंदर गिराती है। फिर कुमकुम की थाली में पैर रखकर अंदर लाल निशान बनाती हुई चली आती है। दुल्हन द्वारा इस चावल को गिराने की भी एक दिलचस्प वजह है।

ऐसी मान्यता है कि नई नवेली दुल्हन माता लक्ष्मी के साथ-साथ मां अन्नपूर्णा का स्वरूप भी होती है। उसके घर में प्रवेश करने से हमेशा बरकत बनी रहती है। कभी अन्न धन की कमी नहीं होती है। चावल हिंदू धर्म में काफी शुभ माना जाता है। पूजा पाठ और हवन में इसी का इस्तेमाल होता है। इसलिए इस रस्म में चावल का इस्तेमाल किया जाता है।

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