अजब ग़जब

इस बार बकरीद में सबके आकर्षण का केंद्र बना रहा यह बकरा, वजह जानकर हो जायेंगे हैरान

मुस्लिम धर्म में बकरीद का अपना ही महत्व है। हालांकि बकरीद बीत गयी है। इस बार बकरीद में कुर्बानी देने के लिए पुरे देश के कोने-कोने में अलग-अलग तरह के बकरों की भीड़ देखने को मिली। लेकिन इस दौरान मेरठ के शाहिद कुरैशी के बकरे की की चर्चा पुरे देश में हुई। जी हाँ शाहिद कुरैशी के बकरे के शौक नवाबी थे। बकरे को नाश्ते में दूध, काजू और बादाम दिया जाता था, जबकि दोपहर में वह उबले हुए चने खता था।

दो साल पहले लाये थे भूरा को घर:

इस बकरे का नाम भूरा था। सोतीगंज के रहने वाले शाहिद कुरैशी ने भूरा को आज से लगभग दो साल पहले घर लाया था। तब से वह लगातार घर के अन्दर ही रहता था। उसके लिए एक कमरा भी अलग से तैयार किया गया था। भूरा की सेहत को ध्यान में रखकर गर्मी के दिनों में उसके कमरे में कूलर और ठंढी में हीटर लगाया जाता था। बताया जा रहा है कि भूरा का वजन लगभग पौने दो क्विंटल था।

समय-समय पर जाँच के लिए आते थे डॉक्टर:

भूरा की खुराक इतनी है, जितनी शायद एक आदमी की भी नहीं होगी। हर दिन सुबह-शाम इसे ढाई किलो दूध पिलाया जाता था। इसके साथ ही 10 ग्राम बादाम और 10 ग्राम काजू हर रोज खिलाया जाता था। भूरा की सेहत की जाँच के लिए समय-समय पर डॉक्टर को भी बुलाया जाता था। उसे साबुन-शैम्पू से नहलानें के बाद लोशन भी लगाया जाता था।

इस बार बकरीद में भूरा बना रहा सबके आकर्षण का केंद्र:

भूरा सप्ताह में तीन दिन पनीर भी खाता था। बकरीद के समय बकरे की कीमत 3 लाख तक लग चुकी थी, हालांकि ये कितने में बिका था, इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस बार की बकरीद में लोगों के आकर्षण का केंद्र भूरा ही बना रहा। जो भी बाजार में बकरा खरीदने आया था, उसकी नजर भूरा पर ही टिक जाती थी। हालांकि सभी लोग भूरा को खरीदने की सामर्थ्य नहीं रखते थे।

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