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मंडप में बैठी दुल्हन आंसू पोछते रह गई और भाग निकला दूल्हा, वजह जानकर दंग रह जाएंगे आप!

गाज़ियाबाद: शादी एक ऐसा पवित्र बंधन है, जिसे करना तो आसान है मगर निभाना बेहद मुश्किल. एक हिंदी कहावत के अनुसार “जोड़ियाँ रब बनाता है”. ऐसे में कईं बार हम इंसान चाह कर भी किसी को जबरन इस बंधन में नहीं बाँध कर रख सकते क्यूंकि होता वही है जो भगवान ने इंसान की किस्मत में पहले से लिखा होता है. हाल ही में हमारे सामने अजीबो गरीब मामला आया है. जहाँ एक हँसते खेलते परिवार में उस वक़्त हडकंप मच गया जब बीच मंडप से दूल्हा उठ कर भाग निकला और दुल्हन मेहंदी से भरे हाथों से अपनी आँखें पोंछती रह गई. दरअसल, खोड़ा में एक शादी समारोह चल रहा था. बारात के स्वागत के लिए सैंकड़ो लोग तैयार खड़े थे. दूल्हा घोड़ी पर बैठ कर निकल चुका था और दुल्हन अपने होने वाले पति के सपने सजा कर मंडप में बैठी थी. मगर तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था.

जहाँ, एक तरफ लड़की वाले बारात का स्वागत ठाट बाट से कर रहे थे, वही दुल्हे को अचानक ख़बर मिली कि उसके पिता रास्ते में मौजूद नाले में गिरकर मर चुके हैं. तो वह बिना कुछ कहे और सोचे वापिस भाग गया. आपको हम बता दें कि खोड़ा निवासी वर्षा की शादी नोएडा में जॉब करने वाले रवि से तय हुई थी.  इस शादी को लेकर दुल्हन काफी खुश थी और बृहस्पतिवार को ही उसने अपने सपनो के साजन के नाम की मेहँदी रचाई थी. परिवार में चारों और खुशियों का माहोल बना हुआ था और गीत गाए जा रहे थे. मगर अचानक से सब कुछ मातम में बदल गया और दोनों परिवारों की खुशियाँ धरी की धरी रह गई.

दरअसल, बेटे की शादी के लिए उसके पिता और 6 अन्य लोग एक कार में सवार होकर मंडप की ओर जा रहे थे. घर से करीब 400 मीटर दूर चालक ने कार को ढलान पर हैंड ब्रेक लगाकर खड़ा कर दिया. इस बीच कार में बैठे एक बच्चे ने हैंड ब्रेक हटा दिया और कार खिसककर नाले में जा गिरी. जब तक वह कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अचानक कार नाले में गिरने से कोई भी कार के दरवाजे ना खोल पाया. धीरे धीरे कार में पानी भरता चला गया और अंत में सातों लोगों ने तड़प तड़प कर अपनी जान गँवा दी. आपको हम बताते चले कि यह नाला लगभग 20 फीट गहरा था.

बताया जा रहा है कि शादी की खुशियों में कुछ लोगों ने अपने लालच के चलते हाथ फेरने की सोची और दुल्हे के पिता का पैसों और ज्वेलरी से भरा बैग चुरा लिया. इसी बैग को ढूँढने के लिए दुल्हे के पिता को शादी छोड़ कर बाहर निकलना पड़ा मगर तब उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह अपने बेटे की शादी में कभी वापिस नहीं लौट पाएंगे. मिली जानकारी के मुताबिक़ कार को नाले में गिरता देख वहां उनकी मदद के लिए 20 से 30 लोग कूदे थे. रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार रात को बुद्ध विहार बहरामपुर विजयनगर निवासी रवि पुत्र ओमप्रकाश की बारात खोड़ा के मातिका विहार निवासी वर्षा पुत्री कृष्णा की यहां गई थी. एक कार में दूल्हे के पिता ओमप्रकाश समेत अन्य बाराती सवार थे और पानी में गिरने के कारण  कार से बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही अपना दम तोड़ दिया. दुल्हे की माँ  अनुसार दुल्हे के पिता ओमप्रकाश पिछले चार महीने से दीपक की शादी के लिए पैसा जमा कर रहे थे.

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