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इंदिरा गांधी पर बॉयगार्ड्स ने 1 – 2 नहीं चलाई थी 25 गोलियां, जानिये क्यों किया था ऐसा

इंदिरा प्रियदर्शन गांधी (Indira Priyadarshini Gandh) भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री (India’s first female prime minister) थी। उनका जन्म 19 नवम्बर 1917 को हुआ था। वहीं उनकी मृत्यु 31 अक्टूबर 1984 को हुई थी। इंदिरा गांधी की मौत (Indira Gandhi Death Story) से हर कोई हैरान हो गया था। दरअसल उन्हें मारने वाले और कोई नहीं बल्कि उन्हीं के अंगरक्षक (Indira Gandhi Bodyguards) थे।

इंदिरा गांधी के ऊपर उनके पहले सिक्योरिटी गार्ड ने पांच तो दूसरे ने 25 गोलियां चलाई थी। यह हमला कैसे हुआ था और इंदिरा तब क्या कर रही थी इसकी जानकारी सीनियर टीवी पत्रकार सागरिका घोष की किताब ‘इंदिरा – इंडियाज़ मोस्ट पावरफुल प्राइम मिनिस्टर’ में एक किस्से के रूप में पढ़ने को मिलती है।

किताब के अनुसार इंदिरा गांधी ने 31 अक्टूबर 1984 को बुलेट प्रूफ वेस्ट नहीं पहनी थी। दरअसल उन दिनों उन्हें जान से मारने की कई धमिकयां दी जा रही थी जिसके चलते उन्हें यह जैकेट पहनने के बोला जाता था। वह उस दिन अकबर रोड दफ्तर की ओर जाने के लिए दरवाजे से बाहर आई थी। उनका इसी रास्ते से रोज आना जाना था।

इंदिरा जैसे ही दरवाजे के पास पहुंची तो इंस्पेक्टर बेअंत सिंह (Beant Singh) उनके पास ही खड़े थे। वे पिछले नौ सालों से इंदिरा गांधी के बॉडीगार्ड थे और कई बार उनके साथ विदेशी दौरों पर भी जा चुके थे। इंदिरा ने उस दिन भी हमेशा की तरह बेअंत को नमस्ते किया। इसके जवाब में बेअंत अपनी रिवॉल्वर निकाल उनपर तान दी। इंदिरा ने पूछा कि – तुम ये क्या कर रहे हो?

फिर एक सेकंड की चुप्पी रही और बेअंत ने अपनी प्वॉइंट ब्लैंक रेंज से इंदिरा के ऊपर 5 गोलियां चला दी। तभी बेअंत की तरफ से लॉन से एक कॉन्स्टेबल सतवंत सिंह आ गया। वह 22 साल का एक युवा सिख था। पंजाब के गुरदासपुर से लंबी छुट्टी लेकर हाल ही में लौटा था। फायर करने से पहले वह थोड़ा सा घबराया, तभी बेअंत ने चिल्लाकर कहा शूट! (गोली चलाओ…)

ये सुनते ही सतवंत ने अपनी ऑटोमैटिक स्टेन गन से 25 गोलियां इंदिरा के ऊपर दाग दी। इतनी गोलियां लगने की वजह से इंदिरा के शरीर के हर हिस्से से खून बह रहा था। बुक में आगे पीटर उत्सीनव के हवाले से बताया गया कि उन्हें तीन सिंगल शॉट्स की आवाज सुनाई दी थी। हालांकि दफ्तर में लोगों ने बोला कि ये पटाखों की आवाज है। एक अन्य व्यक्ति का हवाला देते हुए बुक में बताया गया कि जब भी वह उस दिन को याद करते हैं तो पागल हो जाते हैं।

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