पूजा के पहले हाथ में जल, चावल और फूल लेकर संकल्प क्यों लिया जाता है? जाने इससे जुड़ी मान्यताएं

हिंदू धर्म में पूजा पाठ को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है। कोई भी मांगलिक कार्य पूजा के बिना सम्पन्न नहीं होता है। पूजा करने से वह मांगलिक कार्य अच्छे से पूर्ण होता है। पूजा भी कई प्रकार की होती है। इससे जुड़े भिन्न भिन्न नियम भी होते हैं। कुछ विशेष अवसर हो तो पूजा हेतु पंडित को बुलाया जाता है। यह पंडित पूजा के दौरान संकल्प लेने के लिए कहता है।

ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि पूजा के दौरान संकल्प क्यों लिया जाता है? बिना संकल्प के आखिर कोई भी पूजा सम्पन्न क्यों नहीं होती है? आखिर इसके पीछे क्या वजह है? आज हम आपको इसके पीछे कि मान्यताएं बताने जा रहे हैं।

इस कारण पूजा में लेते हैं संकल्प

– शास्त्रों की माने तो जब भी कोई पूजा की जाती है तो उसके पूर्व संकल्प लेना बहुत आवश्यक होता है। बिना संकल्प के की गई पूजा का फल नहीं मिलता है। इसलिए प्रत्येक पूजा के पहले संकल्प जरूर लेना चाहिए।

– कहा जाता है कि संकल्प लिए बिना यदि पूजा कर दी जाए तो उसका फल भगवान इन्द्र देव को प्राप्त हो जाता है। इसलिए यदि आप उस पूजा का फल प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको पूजा के पूर्व संकल्प लेना चाहिए।

– शास्त्रों के मुताबिक संकल्प लेने का मतलब है आप इष्टदेव और स्वयं को साक्षी मानकर संकल्प ले रहे हैं। इस संकल्प में आप कहते हैं कि हम यह पूजन कार्य विभिन्न इच्छाओं की कामना पूर्ति के लिए कर रहे हैं। एक बार संकल्प लेने के बाद हम इसे पूर्ण भी जरूर करेंगे।

– आप ने देखा होगा कि जब भी पंडित पूजा में हम से संकल्प दिलवाता है तो हाथ में जल, चावल और फूल लिए जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस पूरी सृष्टि के पंचमहाभूतों (अग्रि, पृथ्वी, आकाश, वायु और जल) में भगवान श्रीगणेश जल तत्व के अधिपति होते हैं।

– इसलिए यह संकल्प श्रीगणेश के सामने रखकर उने समक्ष लिया जाता है। जब गणेशजी की कृपा दृष्टि आपके ऊपर होती है तो यह पूजन कार्य बिना की बाधा के खुशी खुशी सम्पन्न हो जाता है। इसके साथ ही आपको इस पूजा का मनचाहा फल भी प्राप्त होता है।

– यदि एक बार आप ने पूजा में कोई संकल्प ले लिया तो उस पूजा को फिर बीच में अधूरा नहीं छोड़ा जा सकता है। आपको संकल्प को लेने के बाद उस पूजा को हर हाल में पूर्ण करना ही होता है। ऐसा करने से हमारी संकल्प शक्ति मजबूत होती है। इंसान को विषम परिस्थितियों का सामना करने का साहस मिलता है।

SHARE