Video : सिंधिया के जेहन से नहीं निकल रही कांग्रेस, कहा- पंजे वाला बटन दबेगा, हंसने लगी मंत्री इमरती देवी

भोपाल : मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के लिए होने जा रहे उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान गजब की धार देखने को मिल रही है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के दिग्गज़ मंच से एक-दूसरे पर ख़ूब बरस रहे हैं. हालांकि इस दौरान ऐसी घटनाएं भी हो रही है जिन्हें नेता कभी याद नहीं रखना चाहेंगे या फिर इन घटनाओं को याद कर नेताओं की भी हंसी छूट जाएगी. कुछ ऐसा ही हुआ है अब भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ. जहां एमपी की डबरा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार मंत्री इमरती देवी के समर्थन में सिंधिया वोट मांगनें के लिए पहुंचें थे. इस दौरान ज्योतिरादित्य की ज़ुबान फिसल गई.

कांग्रेस के लिए मांगें वोट…

मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सिंधिया के जेहन से अब भी कांग्रेस पार्टी निकल नहीं पा रही है. इसका ताजा उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला है डबरा विधानसभा क्षेत्र में. डबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया की जुबान फिसल गई. भाजपा को वोट देने के स्थान पर उन्होंने कांग्रेस के लिए वोट मांग लिए. उन्हें जब गलती का एहसास हुआ तो तुरंत ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट देने की बात कही. इस दौरान उनके पास खड़ी डबरा से भाजपा उम्मीदवार और मंत्री इमरती देवी भी मंद-मंद मुस्काने लगी. सिंधिया ने कहा कि, ”3 तारीख को पंजे वाला बटन दबेगा’. ‘मेरी डबरा की जनता, मेरी शानदार और जानदार डबरा की जनता…मुट्ठी बांधकर विश्वास दिलाओ कि 3 तारीख को हाथ के पंजे वाला बटन दबेगा’. अगले ही पल गलती का एहसास होने पर उन्होंने कहा कि, ”कमल के फूल वाला बटन दबाएंगे और हाथ के पंजे वाले बटन को बोरिया बिस्तर बांध के हम यहां से रवाना करेंगे”

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने वीडियो जारी कर ली चुटकी…

कांग्रेस पार्टी ने भी लगे हाथ गरम लौहे पर हथौड़ा मार दिया. मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा ट्विटर पर सिंधिया के इस बयान का वीडियो साझा किया गया है. कांग्रेस ने इस दौरान सिंधिया की चुटकी लेते हुए वीडियो के कैप्शन में लिखा कि, ” ‘सिंधिया जी, मध्य प्रदेश की जनता विश्वास दिलाती है कि तीन तारीख को हाथ के पंजे वाला बटन ही दबेगा’.”

मध्यप्रदेश में क्यों पड़ी उपचुनाव की आवश्यकता ?

मध्यप्रदेश के सियासी इतिहास में यह पहला मौका है जब एक साथ 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं. बता दें कि मार्च 2020 में सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. इसके बाद ही सिंधिया समर्थित 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया और सभी भाजपा में शामिल हो गए. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार टूट गई और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार एमपी के मुख्यमंत्री बनें. विधायकों के इस्तीफे से विधानसभा की सीटें खाली हो गई. इसके बाद कुछ और विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया और कुछ विधायकों का निधन भी हो गया. इस तरह अब विधानसभा की कुल 28 खाली सीटों पर उपचुनाव हो रहा है.

3 नवंबर को मतदान, 10 को परिणाम…

मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर मतदान 3 नवंबर को होगा. मध्यप्रदेश में आज से चुनावी शोर-गुल समाप्त हो जाएगा. आज शाम के बाद से किसी भी प्रकार का प्रचार नहीं किया जाएगा. प्रदेश में फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है या कांग्रेस पुनः सत्ता पाने में कामयाब होती है इसका फ़ैसला 10 नवंबर को होगा.

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