‘लेडी सिंघम’ से ‘जनरल डायर’ तक, IPS लिपि सिंह की ये कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप

बिहार के मुंगेर जिले में पिछले दिनों दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और कहा जा रहा है कि पुलिस ने फायरिंग भी की थी। इस दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में 100 से भी ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वैसे, इस मामले में लिपि सिंह का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आ रहा है। ट्विटर पर #लिपिसिंहडायर ट्रेंड कर रहा है। लिपि सिंह मुंगेर की एसपी थीं, जिनका अब तबादला कर दिया गया है। लिपि सिंह ने वर्ष 2015 में यूपीएससी की परीक्षा में 114वीं रैंक हासिल की थी।

ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने बढ़िया प्रदर्शन किया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय की ओर से उन्हें बिहार कैडर दे दिया गया था। लिपि जदयू के राज्यसभा सांसद रामचंद्र प्रताप सिंह की बेटी भी हैं और नालंदा जिले से पहली महिला आईपीएस भी हैं। लिपि सिंह के पति सुहर्ष भगत बांका के जिलाधिकारी के तौर पर सेवा दे रहे हैं।

लिपि सिंह का नाम सुर्खियों में तब आया था, जब मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के यहां उन्होंने छापेमारी करके उनके यहां से AK-47 राइफल, 2 देसी बम और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उन्होंने UAPA यानी कि अनलॉफुल एक्टीविटीज प्रिवेंशन एक्ट के अंतर्गत इनके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज किया था।

लल्लू मुखिया, जो कि अनंत सिंह का दाहिना हाथ कहा जाता था, उसे भी लिपि सिंह ने नहीं छोड़ा। उसके भाग जाने पर कोर्ट जाकर लिपि सिंह ने उसकी संपत्ति कुर्क करने की मंजूरी ले ली। अगस्त, 2019 में यह सब हुआ था। आखिरकार अनंत सिंह को समर्पण करना पड़ा था।

इसलिए नाम पड़ा लेडी सिंघम

अनंत सिंह के खिलाफ इस तरह का कदम उठाए जाने पर सोशल मीडिया में लिपि सिंह लेडी सिंघम के नाम से मशहूर हो गई थीं। वह इसलिए कि अजय देवगन ने जिस तरीके से फ़िल्म सिंघम में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ा था, वैसा ही लिपि सिंह को करते हुए भी इस मामले में देखा गया था।

जनवरी, 2019 में चुनाव हो रहे थे तो अनंत सिंह की पत्नी नीलम सिंह की इस शिकायत के बाद कि अनंत सिंह के करीबियों को लिपि सिंह परेशान कर रही हैं, लिपि सिंह का ट्रांसफर एटीएस यानी कि एंटी टेररिज्म स्क्वाड में कर दिया गया था। चुनाव खत्म हुए तो उन्हें बाढ़ का एडिशनल एसपी बना दिया गया था। चर्चा तो यह भी रही है कि जहां चुनाव के दौरान नेताओं के रिश्तेदारों के तबादले कर दिए जाते हैं, वहीं जदयू नेता रामचंद्र प्रताप सिंह की बेटी का तबादला नहीं हुआ।

यूं जुड़ गया नाम के आगे ‘डायर’

लिपि सिंह लेडी सिंघम के नाम से मशहूर जरूर रहीं, लेकिन मुंगेर में मूर्ति विसर्जन के दौरान एसपी  लिपि सिंह पर यह आरोप लगे हैं कि उन्होंने मूर्ति विसर्जन के लिए इकट्ठा हुए लोगों पर गोलियां चलवा दी। इसके बाद से लिपि सिंह के नाम के साथ ट्विटर पर डायर भी ट्रेंड करने लगा। जनरल डायर एक ब्रिटिश अधिकारी था, जिसने 13 अप्रैल, 1919 को जालियांवाला बाग में बैसाखी के दिन निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवा दी थी।

हो गया तबादला

चिराग पासवान ने ट्वीट करके जहां लिपि सिंह के खिलाफ 302 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की और नीतीश सरकार के शासन की तुलना तालिबानी शासन से कर दी, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके सवाल किया कि जनरल डायर की तरह पुलिस को गोलियां चलाने का आदेश किसने दिया। चारों ओर से दबाव बनने के बाद और मुंगेर में हो रहे हो उग्र प्रदर्शन को देखते हुए आखिरकार लिपि सिंह का तबादला कर दिया गया है।

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