धन की देवी मां लक्ष्मी हमेशा विष्णुजी के चरणों में ही क्यों बैठती है? जाने वजह

हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि आप ने लक्ष्मीजी को प्रसन्न कर दिया तो आपके पास धन की कभी कोई कमी नहीं होगी। ऐसे में कई लोग लक्ष्मीजी के भरोसे बैठे रहते हैं और भाग्य के माध्यम से अमीर बनने का सपना देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सिर्फ पूजा पाठ ही जरूरी नहीं है। बल्कि आपको अच्छे कर्म भी करने पड़ते हैं।

मां लक्ष्मी यूं ही भाग्य के भरोसे बैठे व्यक्ति के घर नहीं पधारती है। वे सिर्फ मेहनत और कर्म में विश्वास रखने वाले लोगों के घर ही निवास करती है। इस बात के प्रमाण हमे प्राचीन रचनाओं में भी देखने को मिलते हैं। उदाहरण के लिए आप ने देखा होगा कि मां लक्ष्मी हमेशा भगवान विष्णु के चरणों में ही बैठी रहती है। ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि वे इतनी बड़ी देवी होने के बावजूद विष्णुजी के चरणों में ही क्यों बैठती है? आईए जानते हैं।

भगवान विष्णु को अधिकतर समुद्र के बीच शेषनाग के ऊपर लेटे हुए देखा जाता है। वहीं लक्ष्मीजी उनके चरण दबाती नजर आती है। इसकी वजह ये है कि भगवान विष्णु कर्म व पुरुषार्थ के प्रतीक हैं। और माता लक्ष्मी भी उन्ही लोगों के यहां निवास करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी पीछे मेहनत करने से पीछे नहीं हटते हैं। जो विषम स्थिति में भी अपने कर्म व पुरुषार्थ के बल पर विजय प्राप्त करते हैं। भगवान विष्णु ऐसे ही हैं।

जब जब धरती पर अधर्म बढ़ता है तब तब भगवान विष्णु अवतार लेकर उन अधर्मियों का नाश करते हैं। वे दुनिया को एक तरह से कर्म का महत्व समझते हैं। इसका मतलब यही है कि आपको सिर्फ भाग्य के भरोसे रहकर ही लक्ष्मी (पैसा) नहीं मिलती है। उन्हें पाने के लिए कर्म करना जरूरी होता है। यदि आप विपरीत परिस्थिति से लड़ने का साहस रखते हैं तो मां लक्ष्मी आपके घर अवश्य निवास करेगी।

 

इस कहानी से आप लाइफ मैनेजमेंट की सिख भी ले सकते हैं। लाइफ में पैसा चाहिए तो सिर्फ भाग्य के भरोसे न बैठे रहे। अच्छे कर्म करते रहे। मेहनत से न डरें। हर स्थिति में आगे बढ़ते रहें। यदि आप ऐसा करते हैं तो मां लक्ष्मी आपके घर भी निवास अवश्य करेगी।

आशा करते हैं कि आपको जीवन में मेहनत और कर्म का महत्व समझ आ गया होगा। यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे दूसरों के साथ शेयर जरूर करें।

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