17 घंटे तक ससुराल के बाहर दिया धरना मगर नहीं खुला दरवाज़ा,पति के साथ रहने की जिद पर अड़ी नेहा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली नेहा ने करीब 17 घंटे अपने ससुराल के बाहर धरना दिया। नेहा ने अपनी छोटी बच्ची के साथ ये धरना दिया था। नेहा का कहना है कि वो अपने पति के साथ रहना चाहती है। लेकिन पति उसे घर में नहीं आने दे रहा है। जिसके कारण वो धरना देने पर मजबूर हुई।

नेहा की शादी साल 2017 में प्रकाश इंक्लेव निवासी मनीष डोडा के साथ हुई थी। इस शादी से इन्हें एक बेटी भी है, जिसका नाम रियांशी है। नेहा करीब एक साल से अपनी मां के साथ रह रही थी। वहीं करवा चौथ के दिन नेहा ने अपने पति के घर जाने का फैसला किया। लेकिन नेहा के ससुराल वालों ने उसे घर में प्रवेश नहीं लेने दिया। जिसके बाद नेहा घर के बाहर धरने पर बैठ गई।

नेहा करीब 11 घंटे तक ठंड में बैठी रही। नेहा को इस हालत में देख एक पड़ोसी ने उसकी मदद की और उसे अपने घर ले आया। वहीं रात भर नेहा अपनी बेटी के साथ पड़ोसी के घर में रही और सुबह होते ही फिर से धरने पर बैठ गई। जैसे ही इस बारे में पुलिस को पता चला, तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने नेहा से बात की।

नेहा ने पुलिस को पुरी कहानी बताई और कहा कि वो अब अपने पति के साथ रहना चाहती है। लेकिन उसे घर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। नेहा ने पुलिस से कहा कि उसकी मां विधवा है और वो अपनी मां पर बोझ नहीं बनना चाहती है। नेहा के अनुसार उसे अपने पति और उसके परिवार वालों से कोई भी परेशानी नहीं है और वो उनके साथ रहना चाहती है।

हालाकिं 17 घंटे पति के घर के बाहर धरना देने के बाद भी उसे प्रवेश नहीं मिल पाया। पुलिस ने नेहा की पूरी बात सुनने के बाद उससे कहा कि वो उसे जबरदस्ती घर में प्रवेश नहीं दिलवा सकती हैं। नेहा को इस मामले में कोर्ट जाना होगा। पुलिस की सलाह के बाद नेहा धरने से उठ गई और पुलिस में प्रार्थन पत्र दिया। सीओ दफ्तर से नेहा के प्रार्थना पत्र को काउंसलिंग के लिए महिला थाने भेज दिया गया है।

वहीं इस पूरे मामले में ससुराल वालों का कहना है कि ये सब नेहा की साजिश है। नेहा की सांस ऊषा डोडा ने महिला थाने में तहरीर दी है और कहा है कि बहू नेहा और उसके मायके वालों की ये साजिश है। नेहा ने मायके वालों के कहने पर करवा चौथ के दिन घर में घुसने की कोशिश की। नेहा अपने मायके वालों के उकसाने पर हमारे घर में आत्महत्या कर सकती है और फंसा सकती है। इसलिए हम उसे घर में दाखिल नहीं करने देंगे।

बच्ची की हुई तबीयत खराब

नेहा और ससुराल वालों के बीच चल रही इस लड़ाई का असर बच्ची पर पड़ा है। देर रात तक ठंड में धरना देने से नेहा की बच्ची की तबीयत खराब हो गई है। नेहा के अनुसार कई घंटे तक घर से बाहर बैठने से बच्ची रियांशी की तबीयत बिगड़ गई। गुरुवार सुबह नेहा बच्ची को डॉक्टर के पास लेकर गई। बच्ची को दवा दिलाने के बाद वो ससुराल में धरने पर बैठने गई। लेकिन शाम को फिर से बच्ची की तबीयत खराब हो गई है। जिसके कारण वो दोबारा फिर से बच्ची को डॉक्टर के पास लेकर गई।

इस पूरे मामले पर थाना प्रभारी, नवल मारवाहा ने कहा कि महिला को समझाया गया कि वो कोर्ट का आदेश लाए या फिर थाने में तहरीर दे। पुलिस किसी के घर में जबरन एंट्री नहीं करा सकती है। पुलिस के समझाने के बाद नेहा अपने घर वापस चले गई।

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