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महाराष्ट्र : कंगना रनौत पर दर्ज हुआ राजद्रोह का केस, पुलिस ने दोनों बहनों को तीसरी बार भेजा समन

मुंबई पुलिस ने कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल को तीसरी बार समन भेजा है और 23-24 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल को इससे पहले बांद्रा पुलिस 2 बार समन भेज चुकी हैं। लेकिन अपने भाई की शादी के कारण कंगना व उनकी बहन पूछताछ के लिए मुंबई नहीं आ सकी थी। वहीं अब मुंबई पुलिस ने इन्हें तीसरा समन भेजा है और 23-24 नवंबर को पूछताछ के लिए बांद्रा पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने को कहा  है।

दरअसल इन दोनों के खिलाफ अदालत के आदेश पर 17 अक्टूबर को बांद्रा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद कंगना को पूछताछ के लिए 26 अक्टूबर और 3 नवंबर को समन भेजा गया था। भाई की शादी में शामिल होने का हवाला देते हुए कंगना ने 15 नवंबर के बाद पूछताछ में शामिल होने की बात कही थी। वहीं अब कंगना व उनकी बहन को एक ओर समन भेजा गया है। आपको बता दें कि इस वक्त कंगना और उनकी बहन हिमाचल में हैं और हाल ही में इनके भाई की शादी हुई है।

इन दोनों के ऊपर एक विशेष समुदाय के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने को लेकर केस दर्ज किया गया है। स्थानीय अदालत के आदेश पर कंगना व रंगोली के खिलाफ मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। इन दोनों पर एक विशेष समुदाय से जुड़े लोगों को भड़काने का आरोप भी है।

बांद्रा मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में बॉलीवुड कास्टिंग निर्देशक एवं फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सैयद की ओर से एक याचिका दायर की थी। जिसमें सैयद ने कंगना के कुछ ट्वीट को आपत्तिजनक माना था और कोर्ट से कहा था कि कंगना पिछले कुछ महीनों से लगातार बॉलीवुड को नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म का हब बताकर इसका अपमान कर रही हैं। अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर और टीवी इंटरव्यू के जरिए वे हिंदू और मुस्लिम कलाकारों के बीच फूट डाल रही हैं।

सैयद ने कंगना पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने बहुत ही आपत्तिजनक ट्वीट किए हैं। जो न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को, बल्कि इंडस्ट्री के कई कलीग्स की भावनाओं को भी आहत करते हैं। इस याचिका पर बांद्रा के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जयदेव वाय घुले ने कंगना के खिलाफ CRPC की धारा 156 (3) के तहत FIR दर्ज कर जांच के आदेश पुलिस को दिए थे।

पुलिस ने कंगना और उनकी बहन के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया है। ये धारा इस प्रकार हैं, धारा 153 A , धारा 295 A,  धारा 124 A और धारा 34। इन धारों के तहत अगर कंगना व उनकी बहन दोषी पाई जाती हैं तो उन्हें अच्छे खासे समय के लिए जेल हो सकती है।

धारा 153 A: आईपीसी की धारा 153 (ए) उन लोगों पर लगाई जाती है, जो धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। इसके तहत 3 साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

धारा 295 A: इसके अंतर्गत वह कृत्य अपराध माने जाते हैं जहां कोई आरोपी व्यक्ति, भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है या ऐसा करने का प्रयत्न करता है।

धारा 124 A: यदि कोई भी व्यक्ति भारत की सरकार के विरोध में सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी गतिविधि को अंजाम देता है जिससे देश के सामने सुरक्षा का संकट पैदा हो सकता है तो उसे उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है। इन गतिविधियों का समर्थन करने या प्रचार-प्रसार करने पर भी किसी को देशद्रोह का आरोपी मान लिया जाएगा।

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