30 नवंबर: कार्तिक पूर्णिमा के दिन यह काम करने से मिलता है विशेष लाभ, पढ़ें इससे जुड़ी पौराणिक कथा

कार्तिक मास की पूर्णिमा इस साल 30 नवंबर को आ रही है। इस पूर्णिमा को काफी विशेष माना गया है और कहा जाता है कि इस दिन दान और गंगा स्नान करने से लाभ मिलता है। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन ही गुरुनानक जयंती भी आती है। जिसके कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

पुराणों में इस पूर्णिमा को काफी शुभ बताया गया है और पुराणों के मुताबिक कार्तिक माह विष्णु जी को प्रिय होता है। इस पूर्णिमा के दिन देव दिवाली भी मनाई जाती है। कार्तिक पूर्णिमा पर दान-स्नान जरूर करना चाहिए।

पौराणिक कथा के अनुसार इसी दिन सृष्टि के रचियता ब्रह्मा जी ब्रह्म सरोवर पुष्कर में अवतरित हुए थे। इस जगह पर ही ब्रह्मा जी का एक मात्र मंदिर भी है। कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर में स्नान करना उत्तम फल देता है। जो लोग इस दिन राजस्थान के पुष्कर में जाकर ब्रह्म सरोवर में स्नान करते हैं और ब्रह्मा जी के मंदिर जाते हैं। उनके कष्ट सदा के लिए खत्म हो जाते है। यहीं वजह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन लाखों की संख्या में लोग यहां आकर स्नान करते हैं और ब्रह्मा जी की विशेष पूजा करते हैं।

हालांकि जो लोग किसी कारण से यहां नहीं जा पाते हैं। वो लोग गंगा स्नान कर सकते हैं और घर से ही ब्रह्मा जी की पूजा कर लें। गंगा स्नान करने से भी मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद दान भी अवश्य देना चाहिए। कार्तिक मास की पूर्णमा पर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। दान में आप किसी गरीब इंसान को खाने की चीजें, कपड़े व अन्य तरह की वस्तु दे सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें की आप ये दान सच्चे मन से दें।

दान करने हेतु सबसे पहले दान करने वाली वस्तु को अपने हाथ पर रखें और मन में वस्तु दान करने का संकल्प लें। उसके बाद सीधे हाथ से ये वस्तु किसी को दान कर दें। आप चाहें तो दान की जाने वाली वस्तु किसी व्यक्ति को देने की जगह मंदिर में भी चढ़ा सकते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

कार्तिक पूर्णिमा 29 नवंबर 2020 को रात 12 बजकर 47 मिनट से आरंभ हो जाएगी। जो कि 30 नवंबर 2020 को रात 02 बजकर 59 मिनट तक रगने वाली है। पंडितो के अनुसार 29 नवंबर की रात्रि में पूर्णिमा तिथि लगेगी। इसलिए 30 नवंबर की सुबह को स्नान व दान करें।

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