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पति ने संभाली रसोई, बनाया खाना, 23 लाख रुपये की नौकरी छोड़ IAS बनी काजल जावला

आपने ये कहावत तो सुनी हो होगी कि किसी भी कामयाब आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है. हालांकि, कई बार इस तरह के मामले भी सामने आये हैं, जब एक पुरुष की मदद से महिला ने सफलता की उंचाइयों को चूमा है. ऐसा ही कुछ मेरठ की रहने वाली काजल जावला के साथ हुआ है. काजल अब आईएएस अफसर बन चुकी हैं और यह अद्भुत कारनामा उन्होंने पांचवे प्रयास में कर दिखाया.

आईएएस काजल जावला की सक्सेस स्टोरी

काजल जावला ने यूपीएससी परीक्षा 2018 में 28वां रैंक हासिल किया था. काजल बचपन से आईएएस बनना तो चाहती थीं, लेकिन यहां तक पहुंचने की राह उनके लिए आसान नहीं रही. इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काजल को बड़ी मेहनत करनी पड़ी थी. काजल को बार-बार असफलता मिल रही थी और इसी बीच उनकी शादी करा दी गई.

अक्सर लड़कियों के साथ देखा जाता है कि शादी होने के बाद वे घर के कामों और जिम्मेदारियों में उलझ कर रह जाती हैं और इसके साथ ही उनके सपने भी मर जाते हैं. पर काजल की शादी उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों के बीच काजल की शादी हुई और फिर उसके बाद उनकी किस्मत मानो पूरी तरह बदल गई.

मेरठ की रहने वाली हैं काजल जावला

मीडिया से बातचीत के दौरान काजल ने कहा कि लोगों को यही लगता है कि शादी के बाद महिलाओं की परेशानी बढ़ जाती है और वे अपनी पूरी जिंदगी घर के कामों में बिता देती हैं. वे जॉब और पढ़ाई एक साथ जारी नहीं रख पातीं. मगर मेरे साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. काजल जावला उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली हैं. काजल जावला ने मथुरा से इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन में साल 2010 में बीटेक किया था.

पढ़ाई पूरी होने के बाद काजल ने गुड़गांव स्थित विप्रो कंपनी में जॉब शुरू कर दिया था. यहां वह सालाना 23 लाख रुपए पैकेज पर नौकरी कर रही थीं. 9 साल जॉब के बाद काजल ने यूपीएससी परीक्षाओं के लिए समय निकालकर तैयारी करनी शुरू की. साल 2012 में काजल ने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी. 2012 से 2016 तक काजल तीन बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठीं और तीनों बार निराशा ही हाथ लगी. काजल प्रारंभिक परीक्षा भी पार नहीं कर पाईं.

साल 2016 में काजल आशीष मलिक संग शादी के बंधन में बंध गईं. लगातार मिली असफलता और ऊपर से शादी हो जाने के बाद काजल को लगा कि अब वे कभी अपने सपने को पूरा नहीं कर पाएंगी. लेकिन पति के सपोर्टिव नेचर ने उनकी राह आसान कर दी. काजल के मुताबिक उनके पति ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया. काजल ने कहा, “उस वक्त मैं जॉब के साथ-साथ पढ़ाई करती थी. पति भी जॉब करते थे, मगर शाम को वो मुझसे पहले घर आते थे. जब मैं आफिस से आती तो मुझे खाना तैयार मिलता था. वहीं, सुबह-शाम मुझे पढ़ाई ही करनी होती थी”.

पति ने नहीं करने दिया घर का काम

वहीं, आईएएस काजल जालवा के पति आशीष मलिक के मुताबिक, उन्होंने शादी के बाद ही काजल को बोल दिया था कि उन्हें सिर्फ पढ़ाई करनी है और अपनी नौकरी पर ध्यान देना है. आशीष ने बताया कि वे ये दोनों ही काम नहीं कर सकते थे, ऐसे में उन्होंने रसोई की जिम्मेदारी ले ली थी. वह घर की साफ-सफाई भी करते थे. आखिरकार, पति से मिले इतने सपोर्ट के बाद काजल जावला अपने पांचवे प्रयास में सफल रहीं और आईएएस बन गईं.

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