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बाबा आमटे की पोती ने किया सुसाइड, परिवार पर लगाए थे गंभीर आरोप

बाबा आमटे की पोती शीतल आमटे का सोमवार को निधन हो गया है। पुलिस के अनुसार शीतल आमटे की मौत जहर के इंजेक्शन से हुई है। शीतल आमटे की अचानक हुई मौत से हर कोई हैरान है। इनकी मौत से पहले ही इनके परिवार वालों की ओर से एक बयान भी आया था। जिसमें परिवार वालों ने कहा था कि ये मानसिक तनाव से गुजर रही थी।

परिवार पर लगाए थे गंभीर आरोप

शीतल आमटे ने अपनी संस्थान में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था और एक वीडियो शेयर की थी। लेकिन कुछ ही समय बाद शीतल आमटे ने ये वीडियो डिलीट भी कर दी थी। दरअसल शीतल आमटे महारोगी सेवा समिति की CEO हैं और इन्होंने अपनी संस्थान पर काफी सारे आरोप लगाए थे। 41 साल की शीतल आमटे का अपने भाई कौस्तुभ से विवाद भी चल रहा था। जिसके चलते कौस्तुभ ने पांच साल पहले एमएसएस ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था। कौस्तुभ के इस्तीफे के बाद शीतल ने संगठन के कुछ पुराने लोगों को भी हटा दिया था।

वहीं इसी साल 29 अक्टूबर को ट्रस्ट की एक मीटिंग हुई थी। जिसमें कौस्तुभ की एंट्री को लेकर चर्चा हुई थी। इस चर्चा के दौरान विवाद हो गया। इसके बाद शीतल ने कौस्तुभ, अनिकेत और प्रकाश आमटे पर कई आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया था। लेकिन दो घंटे के भीतर फेसबुक से वीडियो को हटा दिया। ये वीडियो इन्होंने 20 नवंबर को पोस्ट की थी।

वहीं इन आरोपों को खारिज करते हुए संस्था से जुड़े दिवंगत सामाजिक कार्यकर्ता बाबा आमटे के बेटे विकास और प्रकाश, उनकी पत्नियों भारती और मंदाकिनी की ओर से एक बयान भी आया था। आमटे परिवार ने अपने बयान में कहा कि महारोगी सेवा समिति, वरोरा, देश का एक प्रमुख सामाजिक सेवा संगठन है। इसने वंचितों के विकास को दिशा और प्रेरणा प्रदान की है। यहां लाखों सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है। शीतल आमटे करजगी ने महारोगी सेवा समिति के काम, ट्रस्टियों और श्रमिकों के बारे में अनुचित बयान दिया है। वो मानसिक तनाव और डिप्रेशन का सामना कर रही हैं। उनकी सभी टिप्पणियां बेबुनियाद हैं।

करने वाली थी डिटेल स्टेटमेंट जारी

परिवार के इस बयान के बाद शीतल का एक बयान भी आया था। जिसमें इन्होंने कहा था कि हमारे दादा बाबा आमटे और साधना आमटे ने जो हमें सिखाया हम उसके साथ खड़े हैं। सही समय पर हम इस मामले में एक डिटेल स्टेटमेंट जारी करेंगे। इस बयान में इन्होंने कहा कि लोग भरोसा रखें। हम मीडिया से आग्रह करेंगे कि वे कोई भी स्टेटमेंट हमारे समर्थन या खिलाफ बिना हमारी पुष्टि के जारी नहीं करें।

 

शीतल विकास आमटे की बेटी थीं और अपने दादा के बेहद करीब थीं। बाबा आमटे को देश के दूसरे सर्वोच्च पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। 1959 में महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के वरोरा में स्थापित, आनंदवन को महारोगी सेवा समिति (MSS) द्वारा संचालित किया जाता है। जो एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है। जिसमें विकास आमटे वर्तमान में सचिव हैं और शीतल करजगी सीईओ थीं।

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