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गधे की लीद से फैक्ट्री में बन रहे थे नकली मसाले, इस तरह से लोग को बनाते थे उल्लू

उत्तर प्रदेश पुलिस ने नकली मसाला बनाने वाली कंपनी का पर्दाफश किया है। इस कंपनी की ओर से मिलावटी मसाला बनाकर बाजार में बेचा जाता था। हैरानी की बात ये है कि ये मसाला गधे की लीद, सूखी घास, नकली रंग और तेजाब की मदद से बनाए जा रहे थे। पुलिस के अनुसार हाथरस में मंगलवार को एक मसाला फैक्ट्री पर छापा मारा गया था। यहां गधे की लीद, सूखी घास, नकली रंग और तेजाब की मदद से नकली मसाले तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने बड़ी मात्रा में यहां से मसाला जब्त किया है। जब्त किए गए मसालों की पुलिस ने टेस्टिंग करवाई तो पाया की कंपनी की ओर से घटियां सामान को मिलाकर ये मसाले तैयार किए जाते थे।

पुलिस ने मसाले की टेस्टिंग के बाद फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स कानून (Food And Safety Standards Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने फैक्ट्री से 300 किलो फर्जी मसाले जब्त किए हैं। ये मसाले हाथरस जिले के नवीपुर इलाके में एक कंपनी कंपनी द्वारा बनाए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस को लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर, हल्दी समेत कई अन्य मसाले मिले हैं।

चिंता की बात ये है कि इन मसालों को खतरनाक और खाने में इस्तेमाल नहीं होने वाली चीजों को मिलाकर तैयार किया जा रहा था। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के अनुसार फैक्ट्री के मालिक का नाम अनूप वर्षाने है। जिसे पुलिस ने पकड़ लिया है और फैक्टरी को सील कर दिया गया है। फैक्ट्री के मालिक पर केस दर्ज किया गया है।

गधे की लीद

संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि हमने कुछ स्थानीय ब्रांडों के नाम पर पैक किए जा रहे 300 किलोग्राम से अधिक नकली मसाले जब्त किए हैं। छापे के दौरान कई हानिकारक तत्व पाए गए है। जिसमें गधे की लीद, भूसा, अखाद्य रंग और एसिड से भरे ड्रम शामिल थे। 27 से अधिक नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे और लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां पर नकली मसाले बनाए जाते हैं। जिसके बाद पुलिस ने यहां पर छापा मारा था।

 

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