धार्मिक

साल 2021: देवगुरू के गोचर से इन राशियों की खुलेगी किस्मत, तो इनकी खुशियों पर लगेगा ग्रहण

देवगुरू बृहस्पति अपनी नीच राशि मकर की यात्रा समाप्त करके 5 अप्रैल 2021 की मध्यरात्रि कुंभ राशि में गोचर करने वाले हैं। बृहस्पति कुंभ राशि में 5 महीने से भी अधिक समय तक रहेंगे। देवगुरू यहां 5 अप्रैल से 13 सितंबर तक रहेंगे और पुनः मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 20 नवंबर तक रहेंगे।

बृहस्पति के गोचर का प्रभाव सभी राशि के जातकों पर पड़ने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति कार्य व्यापार, हानि-लाभ, शासन सत्ता और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला ग्रह है। ऐसे में राशि परिवर्तन से ये सभी क्षेत्र प्रभावित होते हैं।

गुरू ब्रह्मविद्या और ज्ञान के दाता भी कहे जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार इनके अनंत ज्ञान को दृष्टिगत रखते हुए भगवान शिव इनसे  काफी प्रसन्न हुए थे और इन्हें सभी देवी देवताओं का गुरू मनोनीत किया था।

ये शादी विवाह, संतान सुख, शिक्षा-प्रतियोगिता में सफलता, न्यायिक प्रक्रिया, तीर्थस्थानों, पवित्र नदियों, धार्मिक साहित्यों, अध्यापकों, ज्योतिषियों, दार्शनिकों, लेखकों, कलाकारों और वित्तिय संस्थानों में कार्यरत व्यक्तियों के कारक हैं। बता दें कि गुरू, धनु और मीन राशि  के स्वामी ग्रह भी हैं।

कैसा रहता है कुंडली पर गुरु का प्रभाव

जन्म कुंडली में दूसरे, पांचवें, नौवें और ग्यारहवें भाव के लिए गुरू शुभफल कारक होते हैं। जिन जातकों पर गुरू का शुभ प्रभाव होता  है, वे बलवान, दयालु, दूसरों की मदद करने वाले, धार्मिक, मानवीय मूल्यों की समझ रखने वाले और बुद्धिमान होते हैं।

ये कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी खुद को अच्छे से ढाल लेते हैं और चुनौतियों का सामना करने से घबराते नहीं हैं। साथ ही ऐसे लोग क्रिएटिव दिमाग के होते हैं, जिसकी वजह से समाज में इन्हें विशेष सम्मान मिलता है। खैर, आइये जानते हैं, आखिर कुंभ राशि में गुरू के गोचर का फल अन्य सभी राशि के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है….

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का कुंभ राशि में गोचर शुभ फलदायी रहने वाला है। इस राशि के विद्यार्थियों को गोचर काल में मनचाही सफलता मिल सकती है। जो जातक शादीशुदा हैं, वे अपने संतान के दायित्वों को अच्छी तरह से निभाएंगे।

नव विवाहितों के संतान प्राप्ति के योग हैं। वरिष्ठ गोचर काल में तीर्थयात्रा पर जा सकते हैं। घर में किसी मांगलिक कार्य का अवसर बनेगा, जिससे घर में खुशनुमा माहौल रहेगा।

वृषभ राशि

इस राशि के नौकरी पेशा वाले लोगों के लिए गुरू का ये गोचर शुभ होने वाला है। आपको नौकरी में पदोन्नति और वेतनवृद्धि मिल सकती है।  साथ ही कार्यक्षेत्र में कोई नया प्रोजेक्ट आपको मिल सकता है, जिसमें आप अपने बॉस के उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।

जो जातक व्यापार के क्षेत्र में सक्रिय हैं, उनके लिए आय के नए स्त्रोत खुलेंगे। अगर किसी जमीन जायदाद के मामले में फंसे हैं, तो ऐसे मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो सकता है। सामाजिक कार्यों में खर्च करेंगे, जिससे समाज में आपकी प्रतिष्ठ बढ़ेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातक गोचर काल में धर्म कर्म के कार्यों में गहरी रूचि लेंगे। आने वाले दिनों में आपकी सोची समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होने वाली हैं। अपने भाई-बहनों में असहमति या अविश्वास का माहौल न बनने दें।

इस राशि के जो जातक विदेश जाने की इच्छा रखते हैं, गोचर काल में उनकी ये इच्छा भी पूरी हो सकती है। आपके आय के नए नए स्त्रोत खुल सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, अन्यथा किसी बड़ी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं। बिजनेस के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को कुछ हद तक सफलता प्राप्त होगी और आकस्मिक धनलाभ के योग हैं। लिहाजा मौकों को सही तरीके से भुनाएं।

नौकरी पेशा वाले जातकों को गोचर काल में कुछ अच्छी खबरें मिल सकती हैं। आपकी पदोन्नति और वेतन वृद्धि होगी। कहीं तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। साथ ही सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे।

सिंह राशि

आपके घर में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आ सकता है। शादी विवाह संबंधी बातचीत आगे बढ़ेगी और साल के अंत तक विवाह के भी योग हैं। कार्यक्षेत्र में आपके कार्यों की सरहाना होगी और आपके प्रभाव में वृद्धि होगी।

उच्चाधिकारियों संग रिश्ते में कड़वाहट आने न दें, अन्यथा आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अपने स्वास्थय के प्रति सतर्क रहें, अन्यथा किसी बिमारी के चपेट में आएंगे तो खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है।

कन्या राशि

गोचर काल के दौरान आपको अपने गुप्त शत्रुओं से बचने होगा, अन्यथा आपको कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। अगर कोर्ट कचहरी के मामलों में फंसे हैं तो इसे बाहर ही सुलझा लें। गोचर काल में भाग दौड़ की अधिकता रहेगी, जिससे आपको शारीरिक के साथ साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ सकता है।

शादी विवाह में बजट से अधिक व्यय होने के कारण आपको आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ेगा। अगर विदेश में पढ़ाई या नौकरी करना चाहते हैं या विदेश की नागरिकता लेना चाहते हैं, तो आपके लिए ये सुवअसर है।

तुला राशि

आपको इस दौरान हर तरफ से सफलता के अवसर प्राप्त होने वाले हैं। अगर आप सिंगल हैं और पार्टनर की तलाश में हैं, तो आपको इसमें भी सफलता मिलेगी। आय के नए नए साधन प्राप्त होंगे। अगर आप व्यवसाय में हैं तो आपको परिवार के बड़ों से सहायता मिलेगी।

इस दौरान संतान संबंधी चिंताओं से आपको मुक्ति मिल सकती है। नौकरी में पदोन्नति और नए अनुबंध प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि

गुरू का कुंभ राशि में गोचर आपके लिए शुभ फलदायी नहीं होगा। परिवार के सदस्यों संग अनबन हो सकती है, जिससे आपकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहेगी। नौकरी में नए अनुबंधों के मौके बनेंगे, मगर आपकी लापरवाही की वजह से ये हाथ से निकल सकता है।

अगर आप प्रमोशन चाहते हैं या एक स्थान से दूसरे स्थान जाने की चाहत रखते हैं तो आपके सारे प्रयास सफल रहेंगे। पैतृक संपत्ति से आपको लाभ मिलने वाला है। भौतिक सुख सुविधाओं और वाहन खरीदने में पैसे खर्च कर सकते हैं।

धनु राशि

गोचर काल के दौरान आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिलने के योग हैं। गोचर काल के दौरान धर्म और आध्यात्म में आपकी गहरी रूचि बनेगी। आप कहीं तीर्थ यात्रा पर भी जा सकते हैं।

कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा। साथ ही संतान संबंधी सारी चिताएं दूर होंगी। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, साथ ही किसी विदेशी कंपनी में नौकरी मिलने की भी संभावना है।

मकर राशि

गुरू आपकी राशि से ही कुंभ राशि में गोचर करने वाले हैं। ऐसे में आपके लिए आय के नए स्त्रोत खुलेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी महंगी वस्तु की खरीददारी कर सकते हैं। जमीन जायदाद के मामलों का भी निपटारा होगा।

गोचर काल के दौरान आपके द्वारा लिए गए फैसलों की सराहना होगी। आपके गुप्त शत्रु आपके खिलाफ षडयंत्र रचेंगे, इससे बचकर रहें। अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। जीवनसाथी संग कुछ विषयों पर अनबन हो सकती है, इसे आपस में ही हल कर लें।

कुंभ राशि

बृहस्पति का गोचर मकर से कुंभ राशि में होने वाला है। ऐसे में कुंभ राशि के जातकों के लिए ये शुभ फलदायी नही हैं। अगर शादी करना चाहते हैं, तो कुछ रूकावटें आ सकती हैं। साथ ही साथ व्यापार के क्षेत्र में भी कुछ रूकावटों का सामना करना पड़ेगा।

विद्यार्थियों को अच्छी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। शादीशुदा जातक संतान संबंधी चिंताओं से मुक्त होंगे। आपके सामाजिक मान सम्मान में वृद्धि होगी।

मीन राशि

आपको अत्यधिक भागदौड़ करना पड़ सकता है, साथ ही आपको आय से अधिक व्यय का सामना भी करना पड़ सकता है। बारहवें बृहस्पति का गोचर प्रभाव अशांति एवं उलझने पैदा करेगा।

स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और पैसों के लेन-देन मामले में भी सावधान रहने की आवश्यकता है। साथ ही कोर्ट कचहरी के मामले बाहर ही सुलझाएंगे तो बेहतर होगा।

गुरु को प्रसन्न करने के सरल उपाय

यदि बृहस्पति का गोचर आपकी राशि के लिए अशुभ है, तो आपको बृहस्पति को खुश करने के कुछ उपायों के बारे में जरूर जानना चाहिए। आइये जानते हैं, आखिर क्या हैं वो उपाय…

  • अगर गोचर बृहस्पति अशुभ है तो आपको गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद जरूर करनी चाहिए।
  •  गोचर बृहस्पति के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए आपको आम, बरगद, पीपल और अनार का वृक्ष जरूर लगाना चाहिए।
  • महिलाएं गुरूवार को बृहस्पति का व्रत रख सकती हैं।
  • बृहस्पति के राशि परिवर्तन के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए बृहस्पति गायत्री मंत्र का जाप करना भी शुभ है। बृहस्पति गायत्री मंत्र इस प्रकार है – ॐ अंगिरो जाताय विद्महे वाचस्पतये धीमहि तन्नो गुरूः प्रचोदयात्।

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