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ये हैं साल 2020 की कोरोना महिला वॉरियर्स, जिन्होंने फर्ज निभाने के लिए जान की भी नहीं की परवाह

पूरी दुनिया के लिए साल 2020 मनहूस साल साबित रहा है। यह साल कोरोना वायरस की वजह से हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। सभी लोग साल 2020 को अलविदा कह चुके हैं और नया साल 2021 शुरू हो चुका है। ऐसे में हम आपको उन महिलाओं की कुर्बानी को याद दिलाने वाले हैं जिन्होंने कोरोना काल में अपनी जान की भी परवाह नहीं की और यह अपना फर्ज निभाने के लिए हमेशा आगे रहीं। परिवार की जिम्मेदारियों को पीछे छोड़ अपनी जान हथेली पर रखकर इन महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं देश को कोरोना महामारी से बचाने के लिए पुलिस स्टाफ से लेकर मेडिकल स्टाफ वाले दिन रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में उन लोगों को सलाम करना तो बनता है। आज हम आपको साल 2020 की उन महिला वॉरियर्स के बारे में जानकारी देने वाले हैं जो कोरोना मरीजों की सेवा के लिए सामने आई थीं और इन्होंने संकट की इस घड़ी में अपने फर्ज को बखूबी तरीके से निभाया।

डॉ. अंकिता अग्रवाल

डॉक्टर अंकिता अग्रवाल दंत चिकित्सक हैं। जब यह गर्भवती थीं, तब उस समय के दौरान यह मातृत्व अवकाश पर थीं, लेकिन जैसे ही कोरोना संक्रमण को लेकर देश भर में आपातकालीन स्थितियां बन गईं तब अंकिता अग्रवाल ने अपनी बकाया छुट्टियां कैंसिल कर दी थी। जब अंकिता अग्रवाल को मरीजों की कठिनाइयों की जानकारी मिली तो उन्होंने घर पर रहने की बजाए बीमार लोगों की सेवा करने का निर्णय ले लिया। मां बनने के बाद अंकिता अग्रवाल अपने बच्चे को अपनी मां के पास छोड़कर ड्यूटी पर आ गईं।

शिखा मल्होत्रा

अभिनेत्री शिखा मल्होत्रा शाहरुख खान के साथ फिल्म “फैन” में नजर आ चुकी हैं परंतु इनको फिल्मों से अधिक पहचान करोना काल के दौरान मिली। जी हां, शिखा मल्होत्रा ने नर्स बनकर कोरोना के मरीजों की सेवा की। अपने इस कार्य से इन्होंने एक अलग ही पहचान बनाई। मरीजों की सेवा करते हुए शिखा मल्होत्रा खुद भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गई थीं। हालांकि, यह कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो गईं, इसके बाद भी यह लोगों की सेवा के लिए हमेशा आगे रहीं।

महिला कैब ड्राइवर विद्या

कोरोना काल में महिला कैब ड्राइवर विद्या ने भी अपना भरपूर योगदान दिया। आपको बता दें कि लॉक डाउन की वजह से विद्या की नौकरी चली गई थी लेकिन इसके बावजूद भी इन्होंने बिना किसी स्वार्थ के लोगों की सहायता करने का निर्णय लिया। विद्या ने ना सिर्फ अपने परिवार की जिम्मेदारी को भलीभांति निभाया बल्कि कोरोना काल के दौरान दूर रह रहे लोगों को उनके घर पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अपने सिर पर ली थी।

निधि परमार हीरनंदानी

कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन में फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर निधि परमार हीरनंदानी चर्चा में रही थीं। आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने 42 लीटर ब्रेस्ट मिल्क डोनेट किया था। वह इसी साल मां बनी थीं। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनके पास काफी ब्रेस्ट मिल्क स्टोर्ड है तो उन्होंने ब्रेस्ट मिल्क डोनेट करने की ठान ली। निधि यही चाहतीं थीं कि उनका ब्रेस्ट मिल्क वेस्ट ना हो। वह इस दूध को किसी न किसी तरीके से इस्तेमाल करना चाहती थीं। इस वजह से इन्होंने ब्रेस्ट मिल्क डोनेट करने का फैसला लिया।

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