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जज्बे को सलाम! मजबूरी में ये महिला बनी ऑटो चालक, नन्हे बच्चे को पेट पर बांधकर चलाती है रिक्शा

आजकल के समय में महिला-पुरुष एक समान हैं। वैसे देखा जाए तो महिलाएं वर्तमान समय में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। कई क्षेत्रों में महिलाएं देश का नाम रोशन कर रही हैं। महिलाएं भले ही कोमल होती है परंतु वह बहुत हिम्मतवाली भी मानी गई हैं। अगर जीवन में कभी कठिन परिस्थितियां उत्पन्न होती है तो महिलाएं उनका सामना डटकर करती हैं। आज हम आपको एक महिला ऑटो ड्राइवर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो अंबिकापुर शहर की सड़कों पर अपने पेट पर नन्हे बच्चे को बांधकर ऑटो चलाती हैं।

खबरों के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि एक महिला छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर की सड़कों पर रोजाना अपने बच्चों के साथ नजर आ रही है। इस महिला का नाम तारा प्रजापति बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस महिला की तस्वीरें और वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रही है। सभी लोग तारा के जज्बे को देखकर उनको सलाम कर रहे हैं। एक महिला होते हुए भी वह अपने नन्हे बच्चे को पेट के आगे बांधकर ऑटो रिक्शा चलातीं हैं।

तारा प्रजापति के संघर्ष की कहानी जानकर आप भी भावुक हो जाएंगे। इनकी यह कहानी उन लोगों के लिए है जो हमेशा अपनी किस्मत को कोसते रहते हैं। इस महिला ने यह साबित कर दिखाया है कि मन में लगन और कुछ करने की हिम्मत हो तो इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। आपको बता दें कि तारा प्रजापति की शादी 10 साल पहले एक बेहद गरीब परिवार में हुई थी। तारा ने 12वीं कॉमर्स तक पढ़ाई की है।

तारा प्रजापति के पति ऑटो चला कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं परंतु वह जितनी कमाई करते हैं, उतने में घर का खर्च भी अच्छे तरीके से नहीं चल पाता है। घर की परेशानी को देखते हुए तारा ने यह फैसला किया कि वह परिवार की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अपने पति का साथ देंगी। बस यही सोचकर वह अपने बच्चे को लेकर खुद शहर की सड़कों पर आ गईं और ऑटो ड्राइवर बन गईं। अब तारा प्रजापति अपने बच्चे और अपने परिवार दोनों का ही ख्याल रखती हैं।

तारा का ऐसा कहना है कि वह बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। पेट पालने के लिए ऑटो चलाना बहुत ही आवश्यक है। इसी वजह से उन्होंने अपने पति के साथ परिवार की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय ले लिया और वह अपने पति का सहयोग करने लगीं। तारा खुद भी ऑटो चालक बन गई हैं। आपको बता दें कि ऑटो चलाते समय बच्चे को किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो, तारा इसका पूरा ख्याल रखती हैं।

तारा अपने साथ पानी की बोतल और खाने का सामान हमेशा साथ रखती हैं ताकि बच्चे को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। तारा का ऐसा कहना है कि उनके लिए यह काम करना इतना आसान नहीं है परंतु वह अपने बच्चे के भविष्य को संवारने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। सोशल मीडिया पर तारा की हिम्मत की लोग खूब तारीफ कर रहें हैं। हम भी तारा के जज्बे को सलाम करते हैं।

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