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चाणक्य नीति: दोस्ती करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, ऐसे लोगों से करें मित्रता

आचार्य चाणक्य अपने समय के बहुत बड़े विद्वान थे। उनके द्वारा लिखा गया चाणक्य नीति ग्रंथ आज भी लोगों के बीच प्रसिद्ध है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में ऐसी बहुत सी बातें बताई हैं जो मनुष्य के जीवन को सफल बना सकती है। चाणक्य ने अपने ग्रंथ में अपने अनुभवों से नीतियां बनाई है जो आजकल के समय में भी बेहद कारगर हैं। इसमें जीवन को सुखमय एवं सफल बनाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए हैं। इसका मुख्य विषय मानव मात्र को जीवन के प्रत्येक पहलू की व्यवहारिक शिक्षा देना है।

आचार्य चाणक्य की नीतियों की यह विशेषता है कि जीवन की किसी भी परिस्थिति से निपटने और आगे बढ़ने के लिए यह प्रेरित करती है। अगर व्यक्ति इन नीतियों पर अमल करता है तो अपने जीवन की बहुत सी परेशानियों से छुटकारा प्राप्त कर सकता है।

आचार्य चाणक्य ने श्लोक के माध्यम से कई उपयोगी सुझाव दिए हैं। आचार्य चाणक्य ने अपने एक श्लोक के माध्यम से यह बताया है कि हमें किस तरह के लोगों से दोस्ती करनी चाहिए और व्यापार में सफलता प्राप्त करना है तो क्या करना चाहिए।

समाने शोभते प्रीती राज्ञि सेवा च शोभते।
वाणिज्यं व्यवहारेषु स्त्री दिव्या शोभते गृहे ॥

उपरोक्त श्लोक के माध्यम से आचार्य चाणक्य ने दोस्ती, व्यापारी, नौकरी और स्त्री के विषय में बताया है। इस श्लोक का मतलब है कि अपने सामान स्तर वाले लोगों से ही दोस्ती करना चाहिए। यही शोभा देता है। राजा-रानी की सेवा में नियुक्त व्यक्ति भी शोभित होता है। व्यापार करते समय व्यक्ति के व्यवहार कुशलता ही शोभा देती है और दैवीय गुणों से युक्त सुंदर स्त्री से उसका घर सुशोभित होता है।

ऐसे लोगों से करनी चाहिए मित्रता

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में बहुत सी बातों का उल्लेख किया है उन्हीं में से एक दोस्ती के बारे में भी बताया है। आचार्य चाणक्य का ऐसा कहना है कि इंसान को दोस्ती हमेशा बराबर वाले लोगों से करनी चाहिए। अगर इंसान अपने से ऊपर या नीचे के स्तर वाले लोगों से दोस्ती करता है तो इसके कारण कभी ना कभी दोस्ती में दरार आने की संभावना होती है।

ऐसी जगह पर करनी चाहिए नौकरी

आचार्य चाणक्य ने अपने श्लोक के माध्यम से यह बताने का प्रयत्न किया है कि व्यक्ति अगर किसी स्थान पर नौकरी करता है तो उसको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आचार्य चाणक्य अनुसार जिस स्थान पर नौकरी कर रहे हैं वहां का मालिक कैसा है? इसको जानना बहुत ही जरूरी है। इस बात को जाने बिना नौकरी नहीं करनी चाहिए क्योंकि अगर जिस जगह पर आप नौकरी कर रहे हैं अगर वहां के मालिक का स्वभाव अच्छा नहीं है तो इसके कारण आपको बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

व्यापार में आवश्यक है व्यवहार

आचार्य चाणक्य अनुसार अगर व्यक्ति व्यवहार कुशल नहीं है तो ऐसी स्थिति में वह इंसान एक बेहतर व्यापारी नहीं बन सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि वाणी और व्यवहार खराब होने के कारण आप ग्राहकों के साथ भी खराब तरीके से बात करेंगे, जिसके कारण आपका व्यापार कभी भी अच्छा नहीं चल पाएगा।

स्त्री से घर की शोभा बढ़ती है

आचार्य चाणक्य अनुसार स्त्री से ही घर की शोभा बढ़ती है। अगर स्त्री कार्यों में कुशल है तो वह घर को बेहतर तरीके से चला सकती है। ऐसे घर के अंदर हमेशा सुख-शांति बनी रहती है।

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