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10 दिन वेंटिलेटर पर कोरोना से लड़ती रही 25 दिन की बच्ची और जीत गई, डॉक्टर बोले- ये चमत्कार है

देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजाना ही सैकड़ों लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं। वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने कोरोना वायरस की वजह से अपनी जान गंवा दी है। कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक साबित हो रही है। यह समय देश भर के लोगों के लिए बहुत चिंता का विषय बना हुआ है। कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर के दौरान हमें एक के बाद एक कोई ना कोई बुरी खबर सुनने को मिलती रह रही है।

कोरोना की दूसरी लहर में रोजना कोई ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही है जिसको जानने के बाद लोगों के मन में डर और अधिक बढ़ रहा है परंतु ऐसा नहीं है कि कोरोना संक्रमण मरीजों की संख्या सिर्फ बढ़ ही रही है बल्कि कोरोना से ठीक होकर लोग अपने घर भी जा रहे हैं। आज हम आपको उड़ीसा के एक ऐसे मामले के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसको जानकर आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी। जी हां, यहां पर एक 25 दिन की बच्ची ने कोरोना को मात दे दी है।

मिली जानकारी के अनुसार उड़ीसा के भुवनेश्वर से एक ऐसी खबर आई है कि यहां के एक अस्पताल में भर्ती सिर्फ 25 दिन की एक मासूम बच्ची ने खतरनाक कोरोना वायरस को मात दे दी है। आपको बता दें कि यह बच्ची 10 दिनों तक वेंटिलेटर पर रही थी और इस बच्ची का इलाज चलता रहा। आखिर में यह बच्ची कोरोना से जंग जीत गई। डॉक्टर भी यह किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। यह पॉजिटिव खबर लोगों के मुस्कुराने की वजह बनी हुई है।

खबरों के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि यह बच्ची कोरोना वायरस को हराने वाली देश की सबसे छोटी कोरोना वॉरियर बन गई है। इस बच्ची के जन्म हुए अभी दो ही हफ्ते हुए थे कि यह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई थी, जिसके चलते इस बच्ची को कालाहांडी से भुवनेश्वर के हॉस्पिटल में ट्रांसफर किया गया था। यहां पर एक प्राइवेट अस्पताल में यह नवजात बच्ची 10 दिनों तक आईसीयू वेंटीलेटर पर रही। 10 दिनों तक यह बच्ची कोरोना से जंग लड़ती रही और आखिर में इसने कोरोना को हरा दिया। इतनी सी छोटी उम्र में इसकी हिम्मत सभी लोगों को हैरान कर रही है।

इस नवजात बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर अरिजीत महापात्रा के अनुसार, बच्ची को रेमडेसिविर, स्टेरॉयड और अलग-अलग तरह के एंटीबायोटिक देकर उसका इलाज किया गया था। करीब 3 हफ्ते तक बच्ची का इलाज किया गया और इस दौरान बच्ची ने वायरस से लड़ाई लड़ी। अब बच्ची पूरी तरह से ठीक हो गई है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। डॉक्टर का ऐसा कहना है कि यह चमत्कार है।

कोरोना महामारी का दौर बहुत कठिन है। इस समय खुद मजबूत रहने के साथ-साथ दूसरों की हिम्मत बनना भी बहुत ही आवश्यक है। अगर इस मुश्किल घड़ी में नेगेटिव खबर की जगह पॉजिटिव खबर पढ़ी जाए तो इससे हिम्मत बढ़ती है। सकारात्मक रहने से इंसान को कोरोना से जंग जीतने में सहायता मिलेगी। इसलिए आप खुद मजबूत बने रहें और दूसरों को भी हिम्मत दें। हम सब मिलकर ही कोरोना को हरा सकते हैं।

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