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सूर्य देव को इस तरह करें जल अर्पित, सुख-समृद्धि की होगी प्राप्ति, मिलेगा स्वास्थ्य लाभ

भगवान सूर्य देव को सभी नौ ग्रहों में सबसे पहला स्थान दिया गया है और पंच देवताओं में सूर्य देवता का पांचवा स्थान है। सूर्य देवता को आरोग्य का देवता माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाए तो इससे आरोग्य की प्राप्ति होती है। सूर्य देवता को जल अर्पित करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो सूर्य देवता को मनुष्य का पिता भी कहा गया है। सूर्य देवता से ही हमें ऊर्जा मिलती है। सूर्य की ऊर्जा से हमें आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। अगर सूर्य देवता की उपासना की जाए तो इससे नवग्रह शांत होते हैं। इतना ही नहीं बल्कि इनकी उपासना से आंखों की कमजोरी भी दूर हो जाती है।

सूर्य देव को अर्घ्य देने से जीवन में बहुत से लाभ मिलते हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य नारायण की कृपा से दरिद्र व्यक्ति भी धनवान हो जाता है। अगर व्यक्ति को सरकारी कामों में सफलता प्राप्त करनी है तो ऐसी स्थिति में सूर्य देव की पूजा आराधना जरूर करनी चाहिए।

सूर्य देव की पूजा से सभी प्रकार के विवादों में विजय प्राप्त होती है। इतना ही नहीं बल्कि हमारे कई जन्मों के पापों का भी नाश हो जाता है। इसी वजह से सूर्य देवता को अर्घ्य दूर जरूर देना चाहिए। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से सूर्य देवता को कैसे अर्घ्य दें ताकि हमें विशेष लाभ की प्राप्ति हो, इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

किस समय देना चाहिए भगवान सूर्य को अर्घ्य

अगर हम पर पुराणों के अनुसार देखें तो सूर्य देवता को अर्घ्य देने का सबसे उत्तम समय सूर्य उदय माना गया है। सूर्य उदय हो जाने के पश्चात यदि आप सूर्य भगवान को अर्घ्य देते हैं तो इससे आपको लाभ मिलते हैं। आप सूर्य उदय हो जाने के बाद 2 घंटे तक भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य दे सकते हैं उससे कोई भी दोष नहीं लगता है।

भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की विधि

आप रोजाना नियमित रूप से प्रातः काल तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर सूर्य देवता के सम्मुख खड़े होकर दोनों हाथों से लौटा ऊँचा उठाकर अर्घ्य दें। अर्घ्य के जल में आप लाल पुष्प, अक्षत, कुमकुम, डाल सकते हैं। इससे आपको विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। अगर आप रोजाना सूर्यदेव को अर्घ्य नहीं दे सकते तो रविवार को अर्घ्य जरूर दीजिए। क्योंकि रविवार के दिन सूर्य देवता की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। जब आप सूर्य देवता को अर्घ्य दे रहे हैं तब उस दौरान ये मंत्र आह्वान करने का संकल्प लीजिए-

एहि सूर्य! सहस्त्रांशो! तेजो राशे! जगत्पते!
अनुकम्प्यं मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर!

ॐ आरोग्य प्रदायकाय सूर्याय नमः।
ॐ हीं हीं सूर्याय नमः।
ॐ आदित्याय नमः।
ॐ घ्रणि सूर्याय नमः।

अगर आप इस तरह से सूर्य नमस्कार एवं सूर्य की उपासना करते हैं तो इससे आपका शरीर स्वस्थ रहेगा। इतना ही नहीं बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा। ऐसे सूर्य की उपासना करने से आपका जीवन खुशहाल बनेगा।

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