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लॉकडाउन में 21 साल बाद क्वारंटीन सेंटर में मिले बिछड़े पति-पत्नी, आँखों से छलक पड़े आंसू

बीते साल से ही देशभर के लोग कोरोना वायरस से बेहद परेशान हैं। लगातार कोरोना पर काबू पाने की हर संभव कोशिश की जा रही है परंतु अभी तक कोई भी फायदा नजर नहीं आ रहा है। कोरोना की रोकथाम के लिए शुरुआत में देशभर में लॉक डाउन लगाया गया था, जिस दौरान लोग अपने घरों में ही बंद थे। कोरोना महामारी के बीच सभी लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई। बाद में लॉकडाउन हटा दिया गया। ऐसा लग रहा था जैसे अब कुछ सुधार हो रहा है परंतु अचानक से ही कोरोना की दूसरी लहर ने चारों तरफ हाहाकार मचा दिया।

कोरोना की दूसरी में रोजाना ही कोरणा संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है और लोगों की जान भी जा रही है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए देश के अधिकांश हिस्सों में लॉक डाउन लगा दिया गया। लॉकडाउन के दौरान भले ही लोगों को बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है परंतु कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके जीवन में लॉकडाउन खुशियां लेकर आया है। जी हां, एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पूरे 21 साल बाद बिछड़े पति-पत्नी मिले और सबसे दिलचस्प बात यह है कि क्वारंटीन सेंटर में पत्नी की पति से मुलाकात हुई थी।

खबरों के अनुसार, यह मामला पश्चिम बंगाल के आसनसोल में देखने को मिला है। ऐसा बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल के नर्सिंग बांध इलाके में रहने वाली 42 वर्षीय उर्मिला देवी के लिए यह लॉकडाउन खुशियां लेकर आया है। आपको बता दें कि इस महिला का पति 21 साल पहले शाम के समय बाहर घूमने की बात कहकर घर से निकल गया था परंतु उसके बाद यह घर नहीं लौटा। उर्मिला ने अपने पति की तलाश करने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने हर प्रयास किया परंतु वह अपने पति को खोजने में सफल नहीं हो पाई थी।

आपको बता दें कि उर्मिला के पति कुली, कबाड़ी और रिक्शा चलाने का कार्य करते थे। जब अचानक से ही उनके पति घर छोड़ कर चले गए तो उनके सिर पर दो लड़कियां और दो लड़कों की जिम्मेदारी आ गई। अचानक से ही पति के चले जाने से उर्मिला देवी बहुत ज्यादा दुखी हो गई थीं। यह अकेले पूरी तरह से टूट गई थीं। उनको कुछ भी समझ नहीं आ रहा था परंतु उन्होंने अपने बच्चों के लिए अपनी हिम्मत नहीं हारी और वह लगातार संघर्ष करती रहीं। उन्होंने खुद के बलबूते अपने चारों बच्चों की परवरिश की।

उर्मिला देवी ने अपनी दोनों लड़कियों की शादी करवा दी। उनको एक दिन अपने पति की चिट्ठी मिली थी जिसमें यह लिखा हुआ था कि मैं दिल्ली के चांदनी चौक में हूं, मुझे तलाशने की कोशिश मत करना। तब उर्मिला देवी को ऐसा लगा कि वह अपने पति से कभी नहीं मिल पाएगी परंतु लॉकडाउन में उनके जीवन में एक चमत्कार हुआ। जब आसनसोल के कन्यापुर में लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती कराया गया तो उसमें उर्मिला देवी के पति सुरेश प्रसाद भी शामिल थे। तब पुलिस ने उर्मिला को उनकी पहचान के लिए बुलाया था।

उर्मिला देवी ने अपने पति को पहचान लिया। लॉकडाउन के कारण से ही 21 साल बाद वह अपने पति से मिल पाईं। जब उन्होंने अपने पति को सामने देखा तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

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