धार्मिक

शनि ने चली उल्टी चाल, अशुभ प्रभावों से बचने के लिए करें ये उपाय, शनिदेव होंगे प्रसन्न

ज्योतिष में शनि को सबसे प्रभावी ग्रह माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति ठीक है तो इसकी वजह से उस व्यक्ति के जीवन में खुशियां आती हैं परंतु किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की स्थिति ठीक नहीं है तो इसके कारण जीवन में बहुत सी परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं। आपको बता दें कि शनि देव 23 मई से मकर राशि में वक्री हो गए हैं यानी शनिदेव ने उल्टी चाल चलना शुरू कर दिया है और यह इस राशि में 11 अक्टूबर तक उल्टी चल चलेंगे।

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, शनि देव न्याय के देवता हैं और यह हर मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जब शनिदेव वक्री होते हैं तो इस अवस्था में वह कमजोर हो जाते हैं और पूर्ण फल नहीं दे पाते।

आपको बता दें कि मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि देव पुष्प, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्रों के भी स्वामी हैं। कुंडली में शनि की शुभ स्थिति सुख-शांति के साथ-साथ सम्पन्नता लाती है परंतु अशुभ स्थिति की वजह से जीवन में परेशानियां उत्पन्न होती हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से वक्री हुए शनि देव को शांत करने के कुछ सरल उपाय बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आप शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं

शनिदेव से शुभ फल पाने के लिए

अगर आप चाहते हैं कि शनि देवता आपसे प्रसन्न हों तो इसके लिए आप निर्धन और जरूरतमंद लोगों में सरसों का तेल, छाता, साबुन, उड़द दाल, लोहा, तिल, काले रंग के कपड़े और दवा आदि दान करें। इसके अलावा आप शनि मंदिर में जाकर शनि देव के दर्शन कर उनका सरसों के तेल से अभिषेक कीजिए। इस उपाय को करने से शनिदेव से शुभ फल की प्राप्ति होगी और इनके आशीर्वाद से जीवन की कई परेशानियां दूर होंगी।

शनिदेव को शांत करने के लिए इनकी करें पूजा

आजकल के समय में लोग शनिदेव के नाम से ही भयभीत हो जाते हैं और शनि देव की बुरी दृष्टि से बचने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं। अगर आप शनिदेव के प्रकोप से बचना चाहते हैं तो इसके लिए मंगलवार और शनिवार के दिन महाबली हनुमान जी की पूजा जरूर कीजिए। आप चाहे तो हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव कभी भी हनुमान जी के भक्तों को परेशान नहीं करते हैं। जो व्यक्ति हनुमान जी की पूजा-अर्चना और पाठ करता है उसको शनिदेव कभी भी नहीं सताते हैं और यह शांत हो जाते हैं।

यह रत्न धारण करें

अगर आप शनिदेव के अशुभ प्रभावों से बचना चाहते हैं और शुभ परिणाम प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आप नीलम रत्न भी धारण कर सकते हैं। आपको बता दें कि मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को नीलम रत्न धारण नहीं करना चाहिए। वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वाले नीलम रत्न धारण कर सकते हैं। आप इस रत्न को पहनने से पहले किसी ज्योतिष से सलाह जरूर लीजिए, यह उचित रहेगा।

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित होता है। इस दिन लोग शनिदेव की विशेष रूप से पूजा अर्चना करते हैं। आप शनिवार के दिन लोहा या रबड़ से संबंधित चीजें खरीद कर ना लाएं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आप शनिवार के दिन व्रत कर सकते हैं। अगर आप ऐसा करेंगे तो इससे शनि की दशा, साढ़ेसाती और ढैय्या का नकारात्मक प्रभाव आपके ऊपर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा आप शनिवार के दिन काले कौवे या फिर काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। इससे शनिदेव प्रसन्न होंगे और इनकी कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी।

शनि के अशुभ परिणाम से बचने के लिए इन मंत्रों का करें जाप

  • ओम शं शनैश्चराय नमः
  • ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

आप इस मंत्र का रोजाना जाप करें। इससे शनि से आपको शुभ परिणाम हासिल होंगे। इतना ही नहीं बल्कि शनि देव के आशीर्वाद से शनि की दशा, महादशा, ढैय्या, साढ़ेसाती का नकारात्मक प्रभाव भी खत्म हो जाएगा।

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