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शनि के प्रकोप से छुटकारा पाने के लिए करें ये आसान उपाय, शनिदेव होंगे प्रसन्न, देंगे शुभफल

ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह सबसे प्रभावी ग्रह माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति खराब है तो इसके कारण जीवन में बहुत सी परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं परंतु कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति शुभ होना जीवन को खुशहाल बनाता है। आपको बता दें कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कभी ना कभी शनि की दशा का सामना अवश्य करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि हर ढाई साल में अपनी राशि बदलता है। इस तरह से इस ग्रह का राशि चक्र 30 सालों में पूरा होता है।

ज्योतिष शास्त्र में शनि की चाल बहुत ही धीमी मानी जाती है। इसका प्रभाव किसी व्यक्ति पर होता है तो वह काफी लंबे समय तक रहता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में विराजमान है तो इसके कारण जीवन में अनेकों परेशानियां उत्पन्न होती हैं परंतु शनि की शुभ स्थिति की वजह से इंसान अपने जीवन में खूब तरक्की हासिल करता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से कुंडली में शनि ग्रह को मजबूत बनाने के कुछ आसान से उपाय बताने वाले हैं।

शनि के प्रकोप से छुटकारा पाने के लिए करें ये आसान उपाय

1. अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की दशा चल रही है तो ऐसे में हर शनिवार को 11 बार महाराज दशरथ द्वारा लिखित दशरथ स्त्रोत का पाठ करें। ऐसा माना जाता है कि शनि देवता ने खुद दशरथ जी को वरदान दिया था कि जो व्यक्ति आपके द्वारा लिखे गए स्त्रोत का पाठ करेगा उसे मेरी दशा के दौरान किसी भी प्रकार का कष्ट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

2. आप प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा कीजिए। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। आप पीपल के पेड़ की जड़ में चीनी और काला तिल मिश्रित जल अर्पित करें और पीपल के पेड़ की तीन परिक्रमा कीजिए।

3. जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं काला रंग शनि देवता को अति प्रिय है। काले रंग के साथ-साथ शनिदेव को नीला रंग भी प्रिय होता है। इसलिए आप शनिवार के दिन इस रंग के कपड़े धारण जरूर करें और उड़द की दाल की खिचड़ी बनाकर सेवन कीजिए। ऐसा करने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है।

4. अगर कोई व्यक्ति महाबली हनुमान जी और शिव जी की आराधना करता है तो इससे शनि देवता प्रसन्न होते हैं। इसलिए आप हनुमान चालीसा और शिव चालीसा का पाठ जरूर कीजिए।

5. अगर आप अपनी कुंडली में शनि ग्रह को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इसके लिए कव्वे को अनाज और बीज खिलाएं। इसके साथ ही काली चीटियों को शहद और चीनी दीजिए। विकलांग व्यक्तियों को दही-चावल का दान कीजिए। इससे शनि ग्रह से शुभफल की प्राप्ति होगी।

6. आप अगर शनिदेव के प्रकोप से छुटकारा पाना चाहते हैं तो हर शनिवार को सरसों और तिल के तेल को शनिदेव पर अर्पित करें।

7. शनि पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए शनिवार को निर्धन लोगों और जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र आदि दें। अगर आप शनिदेव को शांत करना चाहते हैं तो इसके लिए काला चना, काली दाल, सरसों का तेल, लोहे का सामान, काले कपड़े आदि चीजें दान करें।

8. अगर आप शनि देवता को प्रसन्न करना चाहते हैं तो शनि देव के इन 2 मंत्रों का जाप 108 बार कीजिए-

ओम शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्रवन्तु न:।

ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तण्डसंभुतं नमामि शनैश्चरम।

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान यह जरूरी बातें ध्यान रखें

अगर किसी व्यक्ति के ऊपर शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या चल रही है तो उस दौरान दांत। नाक और कान सदैव साथ साफ रखना चाहिए। किसी से भी झूठ ना बोले, मांस, मदिरा का सेवन भूलकर भी मत कीजिए। जुआ, सट्टा से दूर रहना होगा। पिता और पुत्र का अनादर भूल कर भी मत कीजिए। आपको अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार रहना होगा। मामा और बुजुर्गों का सम्मान कीजिए। कर्मचारियों अथवा नौकरों को हमेशा खुश रखिए। इसके अलावा शनिवार को रबड़, लोहा से संबंधित चीजों की खरीदारी मत कीजिए।

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