बॉलीवुड

रंगदारी नहीं देने पर शूटर ने गुलशन कुमार को मार दी थी गोली, मालिक को फोन कर सुनाई थी चीखें

कैसेट किंग के नाम से मशहूर टी सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक समय ऐसा था जब वह अपने पिता के साथ दिल्ली में जूस की दुकान चलाते थे लेकिन किस्मत में ऐसी करवट ली की वह जूस मेकर से कैसेट किंग बन गए। आपको बता दें कि मशहूर गायक और t-series के संस्थापक गुलशन कुमार हत्याकांड मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में अपना फैसला सुनाया जिसमें दोषी अब्दुल रऊफ उर्फ़ दाऊद मर्चेंट की सजा को बरकरार रखा गया। सेशन कोर्ट से उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।

हाई कोर्ट ने सजा बरकरार करते हुए अपने फैसले में यह कहा था कि अब्दुल रऊफ किसी भी प्रकार की दया का हकदार नहीं है क्योंकि वह पहले भी पैरोल के बहाने बांग्लादेश भाग चुका है। आपको बता दें कि 12 अगस्त 1997 को मुंबई के अंधेरी इलाके में गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब गुलशन कुमार मंदिर से घर पर वापस जा रहे थे तभी उन पर बदमाशों ने गोलियां बरसा दी। इस दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।

आपको बता दें कि गुलशन कुमार अपनी मेहनत से एक ऐसे शख्स बनकर उभरे थे जिनके पीछे अंडरवर्ल्ड लग गया था। 80 के दशक में उन्होंने टी सीरीज की स्थापना की थी और भगवान के भजन गाकर उन्होंने अच्छा खासा नाम कमाया और वह कैसेट किंग के नाम से मशहूर हो गए। गुलशन कुमार वैष्णो देवी के सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। गुलशन कुमार की आस्था वैष्णो देवी में बहुत गहरी थी।

गुलशन कुमार ने वैष्णो देवी के भक्तों की सुविधाओं के लिए बहुत से कार्य करवाए हैं परंतु उनके द्वारा किए गए यह नेक काम अंडरवर्ल्ड की आंखों में चुभने लगे। अंडरवर्ल्ड गुलशन कुमार के पीछे पड़ गया। रंगदारी नहीं देने पर अबू सलेम के शूटर ने 12 अगस्त 1997 को मुंबई के अंधेरी इलाके में गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बता दें कि उस समय के दौरान गुलशन कुमार जीतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने के बाद अपने घर को वापस जा रहे थे। तभी मंदिर के बाहर उनपर शूटर ने 16 गोलियां चला दी। जब गुलशन कुमार का मर्डर हुआ तब उसके बाद बॉलीवुड में अबू सलेम के नाम का खौफ भी पैदा हो गया था।

ऐसा बताया जाता है कि जब शूटर ने गुलशन कुमार को गोली मार दी तब उसने अपने मालिक अबू सलेम को गुलशन कुमार की चीखें सुनाने के लिए फोन भी किया था। उसका फोन 10 मिनट तक चालू हो रहा था। इस पूरी घटना का जिक्र एस हुसैन जैदी की किताब “My Name is Abu Salem” में किया गया है। इस किताब में यह लिखा कि डॉन अबू सलेम ने गुलशन कुमार से 10 करोड़ रूपए की फिरौती मांगी थी लेकिन गुलशन कुमार ने पैसे देने से मना कर दिए थे।

जब गुलशन कुमार ने फिरौती के पैसे देने से इंकार कर दिया तब गुलशन कुमार ने कहा था कि इतने पैसे में तो मैं वैष्णो माता के मंदिर में भंडारा करवा दूंगा। आपको बता दें कि आज भी गुलशन कुमार के नाम से जम्मू में भंडारा चलता है।

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