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ये अफ्रीकी क्रिकेटर विकेट चटकाने के लिए टॉयलेट में जाकर मुंह पर मलता था ये चीज, खुद किया खुलासा

क्रिकेट का खेल हमेशा से ही लोगों के बीच सबसे लोकप्रिय खेल रहा है। सभी आयु वर्ग के लोग क्रिकेट देखना पसंद करते हैं। वैसे देखा जाए तो क्रिकेट खेल में एक से बढ़कर एक दिग्गज खिलाड़ी हैं लेकिन आज हम आपको इस लेख के माध्यम से साउथ अफ्रीका के दिग्गज गेंदबाज मखाया एंटिनी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। ज्यादातर सभी लोग मखाया एंटिनी को अच्छी तरह से जानते हैं। यह किसी के परिचय के मोहताज नहीं हैं।

मखाया एंटिनी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने महज 20 साल की उम्र में साउथ अफ्रीका की नेशनल टीम में अपनी जगह बनाई थी और उन्होंने अपनी गेंदबाजी के बलबूते अफ्रीकी टीम को कई मैच भी जितवाए थे। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से मखाया एंटिनी के जीवन से जुड़े हुए कुछ पहलू के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होगा।

आपको बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मखाया एंटिनी का जन्म 6 जुलाई 1977 को हुआ था और यह 44 साल के हो गए हैं। भले ही हो सकता है कि आजकल की पीढ़ी के क्रिकेट प्रेमी उनके नाम से ज्यादा परिचित ना हों परंतु उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से सभी फैंस का दिल जीत लिया था। मखाया एंटिनी बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका पूरा बचपन गरीबी में व्यतीत हुआ था।

मखाया एंटिनी बचपन में गाय और जानवरों को नंगे पैर ही चराया करते थे। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उनके पास जूते खरीदने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे। जब मखाया एंटिनी को अपने पैरों को गर्मी देनी होती थी तो वह गाय के ताजे गोबर का इंतजार करते थे और गोबर में अपने पैरों को डालकर उन्हें गर्मी देते थे।

केप प्रोविंस के डांगी गांव में जन्मे मखाया एंटिनी के अंदर के क्रिकेट के गुणों को बॉर्डर क्रिकेटर बोर्ड डेवलपमेंट ऑफिसर ने परखा था। अधिकारियों ने एंटीमनी के अंदर क्रिकेट के लिए उत्साह देखते हुए उन्हें जूता भी दिलवाया था। आपको बता दें कि मखाया एंटिनी साउथ अफ्रीका की तरफ से खेलने वाले पहले काले क्रिकेटर बने। इसके बाद उन्होंने इंटरनेशनल टीम के लिए कई और खिलाड़ियों की राह भी खोल दी थी। साल 2003 में उन्होंने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 10 विकेट चटकाए और वह इस मैदान पर यह कारनामा करने वाले साउथ अफ्रीका के पहले गेंदबाज बने।

 

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आपको बता दें कि एक इंटरव्यू के दौरान मखाया एंटिनी ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि मैच में विकेट चटकाने के लिए वह अपने मुंह पर पेशाब तक मलते थे। उन्होंने बताया था कि “बहुत से लोग इस बारे में नहीं जानते लेकिन अगर मैं कभी भी खेल के एक सेशन में अच्छा नहीं कर पाता था तो टॉयलेट में जाकर अपने हाथ पर पेशाब करता और फिर उसे अपने चेहरे पर मसल लेता था। इससे में फिर से आगे के खेल और स्पेल के लिए तरोताजा हो जाता था।”

आपको बता दें कि मखाया एंटिनी 2 साल तक जिंबाब्वे के लिए सहायक कोच तथा अंतरिम कोच के रूप में रहे। साल 2018 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मखाया एंटिनी ने अपने टेस्ट क्रिकेट करियर में 101 टेस्ट मैचों में 390 और 173 वनडे में 266 विकेट लिए। साल 2011 में भारत के खिलाफ T20 खेलकर मखाया एंटिनी ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

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