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शादी के 8 साल बाद महिला ने 4 बच्चों को एक साथ दिया जन्म, परिवार में आई चौगुनी खुशियां

शादी होने के बाद लड़की यही चाहती है कि वह जल्द से जल्द बच्चे की मां बने। जिस घर के अंदर नन्हा बच्चा पैदा होता है उस घर के परिवार वालों की खुशियों का कोई ठिकाना नहीं रहता है। विशेष रुप से माता-पिता अपने बच्चे के जन्म पर बहुत ज्यादा खुश होते हैं। बच्चा पैदा होने पर घर के अंदर बधाई देने वाले लोगों की भीड़ नहीं रहती है और हर तरफ खुशी का माहौल बना रहता है।

आज हम आपको एक ऐसे मामले के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जहां पर परिवार में चौगुनी खुशियां आई हैं, जी हां शादी के 8 साल बाद एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया है।

ऐसा सच कहा जाता है कि ऊपर वाला अगर किसी को कुछ देता है तो छप्पर फाड़ के देता है। आज हम आपको जिस मामले के बारे में बता रहे हैं यह मामला गाजियाबाद में देखने को मिला है। आप ऐसा समझ सकते हैं कि यह भगवान का ही कोई चमत्कार है। शादी के 8 साल के लंबे इंतजार के बाद एक महिला ने एक साथ तीन बेटे और एक बेटी को जन्म दिया है। डॉक्टर से का ऐसा कहना है कि चारों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। बच्चों का वजन कम होने की वजह से उनको नर्सरी में रखा गया है। इस मामले की चर्चा सोशल मीडिया पर सभी लोग कर रहे हैं।

आपको बता दें कि कमला नेहरू नगर में रहने वाली एक दंपत्ति की शादी 8 साल पहले हुई थी परंतु इतना लम्बा समय शादी के होने के बाद भी उनका कोई भी बच्चा नहीं हो रहा था, जिसकी वजह से वह बहुत परेशान चल रहे थे। बच्चा पैदा ना होने की वजह से 2 साल पहले उन्होंने अपना इलाज कराना शुरू किया और 2 महीने की गर्भवती होने के बाद यशोदा की उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि अरोड़ा ने इलाज शुरू किया। जब महिला का इलाज चल रहा था तो उस दौरान डॉक्टरों और महिला को पता था कि गर्भ में 4 बच्चे पल रहे हैं।

जब 12 जुलाई की रात को महिला का प्रसव पीड़ा बढ़ गया तो परिवार के लोग काफी चिंतित हो गए और तुरंत ही परिजन यशोदा अस्पताल महिला को ले गए। जब महिला को अस्पताल ले जाया गया तो वहां पर डॉक्टरों की टीम ने महिला की स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी में एडमिट किया था और ऑपरेशन के जरिए चारों बच्चे पैदा हुए, जिनमें तीन लड़के और एक लड़की है।

वरिष्ठ नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर (मेजर) सचिन दुबे का ऐसा बताना है कि तीनों लड़कों का वजन 1.680 किलोग्राम, 1.600 किलोग्राम, 1.330 किलोग्राम और लड़की का वजन 1.580 किलोग्राम है। डॉक्टर सचिन का ऐसा कहना है कि वह सभी बच्चे आठवें महीने में ही पैदा हुए हैं और उनकी स्थिति भी सामान्य है। बच्चे अभी सिख मेटल केयर यूनिट में एडमिट हैं 3 से 5 दिन में अस्पताल से उनको छुट्टी दे दी जाएगी।

आपको बता दें कि डॉक्टर शशि का ऐसा बताना है कि यह स्थिति काब्रुप्लेट्स कही जाती है। उन्होंने आगे बताया कि 20 साल पहले भी इसी प्रकार का एक मामला सामने आया था। एक महिला ने 4 बच्चों को छठे महीने में जन्म दिया था परंतु उस समय के दौरान इलाज की बेहतर तकनीक नहीं थी, जिसके कारण बच्चों की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में गर्भवती का उच्च रक्तचाप और डायबिटीज होने का खतरा अधिक रहता है।

उन्होंने बताया कि इसमें महिलाओं में अनिद्रा और थकान की हर समय परेशानी रहती है। इसमें यह ध्यान रखना अति आवश्यक है कि महिला का खानपान संतुलित हो, क्योंकि महिला के आहार से ही शिशु का भी पोषण होता है इसलिए खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है।

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