बॉलीवुड

राम भक्त हनुमान बनकर दारा सिंह घर-घर में हुए थे मशहूर, दिल का दौरा पड़ने से छोड़ गए थे दुनिया

दारा सिंह खेल जगत और बॉलीवुड से जुड़े एक महान शख्सियत हैं, जिन्होंने खेल जगत के साथ-साथ अपने दमदार अभिनय से बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी एक अलग ही पहचान बनाई। आज भी दारा सिंह किसी के परिचय के मोहताज नहीं हैं। मौजूदा समय में भी हर कोई दारा सिंह को भलीभांति जानता है। आपको बता दें कि दारा सिंह का पूरा नाम दारा सिंह रंधावा है। दारा सिंह का जन्म 19 नवंबर 1928 को अमृतसर में हुआ था।

अखाड़े से निकल फिल्मों का रुख करने वाले अभिनेता दारा सिंह भले ही आज हमारे बीच में नहीं रहे परंतु उनके द्वारा निभाए गए किरदार हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। दिवंगत अभिनेता दारा सिंह ने कुश्ती की दुनिया में भी राज किया है। इतना ही नहीं बल्कि फिल्मी पर्दे पर भी उन्होंने सफलता हासिल की है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से दिग्गज अभिनेता दारा सिंह के जीवन से जुड़ी हुई कुछ खास बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं।

आपको बता दें कि दारा सिंह एक लंबी बीमारी से जूझ रहे थे। बाद में 12 जुलाई 2012 को वह इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। दारा सिंह के जाने से फैंस का दिल पूरी तरह से टूट गया था। दारा सिंह ने अपने जीवन में जो हासिल किया है, उसके बलबूते वह हमेशा फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे। दारा सिंह के निधन से करोड़ों प्रशंसकों की आंखें नम हो गई थी। आज भी दारा सिंह से जुड़े हुए किस्से काफी मशहूर हैं।

दारा सिंह को बचपन से ही कुश्ती लड़ने का बहुत शौक था और उनका कद-काठी भी बचपन से ही अच्छा था। अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच सीखने वाले दारा सिंह पहले मेलों और अन्य समारोहों में कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लिया करते थे परंतु वर्ष 1947 में सिंगापुर में मलेशियाई चैंपियन तरलोक सिंह को कुश्ती के अखाड़े में हराकर उन्होंने अपनी पहली जीत हासिल की थी। धीरे-धीरे पहलवानी के क्षेत्र में उनको मान्यता प्राप्त होने लगी और वह भारत के एक कुशल पहलवान बन गए।

दारा सिंह ने पहलवानी के साथी अभिनय करना भी शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत दिलीप कुमार के साथ फिल्म “संगदिल” से साल 1952 में की थी। दारा सिंह ने 55 वर्ष की आयु तक कुश्ती लड़ी और ज्यादातर सभी कुश्ती में उन्होंने जीत हासिल की थी। दारा सिंह ने 1959 में पूर्व विश्व चैंपियन जार्ज गारडियान्का को हरा कर कॉमनवेल्थ में विश्व चैंपियनशिप जीता था। इसके अलावा साल 1968 में उन्होंने विश्व चैंपियन रहे लाऊ थेज को भी फ्री स्टाइल कुश्ती में हराया था और विश्व चैंपियन बने। दारा सिंह ने अपने पूरे जीवन में 500 मुकाबले लड़े और हर मुकाबले में उन्होंने जीत अपने नाम दर्ज की है।

दारा सिंह का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के मशहूर पहलवान किंग कॉन्ग के साथ भी हुआ था। वह इतिहास के सबसे हैरतअंगेज मुकाबलों में से एक माना जाता है। महज 130 किलो के दारा सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के 200 किलो वजनी किंग कॉन्ग को सिर से ऊपर उठाया और घुमा कर फेंक दिया था। जब दर्शकों ने यह दांव देखा तो उन्होंने दांतो तले अपनी उंगलियां दबा ली थी। इस दांव के बाद किंग कॉन्ग रेफरी पर चिल्लाने लगे थे। किंग कॉन्ग के अनुसार यह सब नियमों के खिलाफ था।

दारा सिंह ने पहलवानी के साथ साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी खूब नाम कमाया है। साल 1952 में आई फिल्म “संगदिल” से दारा सिंह ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में दिलीप कुमार और मधुबाला मुख्य किरदार में नजर आए थे। ऐसा बताया जाता है कि करियर के शुरुआती दिनों में दारा सिंह से बॉलीवुड की अभिनेत्रियां उनके साथ काम करने में बिल्कुल भी सहज महसूस नहीं करती थीं। इसकी एक वजह यह थी कि दारा सिंह का शरीर काफी भारी भरकम था और एक तरफ बॉलीवुड की फूल जैसी अभिनेत्रियां और दूसरी तरफ रफ एंड टफ दारा सिंह। दारा सिंह ने मुख्य अभिनेता के रूप में कई फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अभिनेत्री मुमताज के साथ लगभग 16 फिल्मों में काम किया था।

रामानंद के मशहूर धारावाहिक “रामायण” में दारा सिंह ने हनुमान का किरदार निभाया था और इस धारावाहिक के माध्यम से उन्होंने अच्छी खासी सफलता प्राप्त की। हनुमान के किरदार से दारा सिंह घर-घर में मशहूर हो गए थे और आज भी ज्यादातर लोग दारा सिंह को हनुमान जी के रोल के लिए ही जानते हैं। 84 वर्ष की उम्र में 12 जुलाई 2012 को दारा सिंह इस दुनिया को अलविदा कह कर चले गए।

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