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न बैंड-बाजा, न शहनाई, बड़े अधिकारी दूल्हा-दुल्हन ने मात्र 500 में कर ली शादी, ये थी वजह

लड़का और लड़की दोनों ही अपनी शादी को लेकर काफी उत्सुक रहते हैं। शादी वाले घर में तैयारियां काफी दिनों से ही शुरू हो जाती हैं। सभी लोग यही चाहते हैं कि उनकी शादी सालों साल तक लोगों को याद रहे, जिसके लिए लोग अपनी शादी में जमकर खर्चा करते हैं। जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कोरोना वायरस की वजह से शादियों पर भी काफी असर देखने को मिल रहा है। मौजूदा समय में शादियों के अंदर पहले जैसी रौनक नहीं रही है।

कोरोना काल में अगर कोई व्यक्ति शादी कर रहा है तो शादी में सीमित लोगों को ही बुलाने की अनुमति है, जिसमें घर के सदस्य और कुछ खास रिश्तेदार मौजूद होते हैं। अगर हम शासकीय अधिकारी की शादी की बात करें तो इनकी शादी में चमक-दमक और खर्चीले इंतजाम देखने को मिलते हैं परंतु आज हम आपको मध्य प्रदेश में हुई एक शादी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जो बेहद सादगी से हुई। इस शादी में मात्र 500 रूपए खर्च हुए हैं।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के धार में सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट और आर्मी मेजर ने बेहद साधारण तरीके से कोर्ट में विवाह किया। इनकी शादी में ना कोई बैंड था, ना कोई बाजा और ना ही बारात। फूल माला और मिठाई के नाम पर मात्र 500 रूपए ही इस शादी में खर्च हुए। इस शादी के दौरान दूल्हा और दुल्हन के परिजन के अलावा स्टाफकर्मी शामिल हुए थे।

कोरोना महामारी की वजह से समारोह के आयोजनों पर जहां रोक है, वहीं सीमित संख्या में लोगों की उपस्थिति भी तय की गई है। आपको बता दें कि मूल रूप से भोपाल की रहने वाली धार सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जोशी का रिश्ता परिजनों ने भोपाल में रहने वाले और वर्तमान में लद्दाख में पदस्थ आर्मी मेजर अनिकेत चतुर्वेदी के साथ पक्का किया था। यह दोनों ही फिलहाल अधिकारी हैं।

कोरोना वायरस की वजह से इन दोनों की शादी 2 साल से टल रही थी लेकिन बाद में दोनों के ही परिवार वालों की सहमति से समाज में एक संदेश देने का भी फैसला लिया गया। दोनों के परिजनों की सहमति के बाद धार कोर्ट परिसर में बिना बैंड-बाजा और बारात के, सादगी से कोर्ट मैरिज कर शादी का पंजीयन कराया गया। इस शादी में किसी भी तरह का महंगा इंतजाम नहीं था। शिवांगी और अनिकेत के विवाह में किसी भी प्रकार का धूम धड़ाका नहीं था और ना ही बैंड और शहनाई की धुन सुनाई दे रही थी।

शिवांगी जोशी का इस शादी को लेकर ऐसा बताना है कि पिछले दो साल से कोरोना महामारी का खतरा देश पर मंडरा रहा है। ऐसे मुश्किल समय में कोरोना योद्धा के रूप में सेवा देना जरूरी उन्होंने समझा। कोरोना की दूसरी लहर जब आई तो हमने कई लोगों को खोया है। इस समय के दौरान संक्रमण कम जरूर हुआ लेकिन कोरोना अभी गया नहीं है।

उन्होंने कहा कि सभी लोगों को नियमों का पालन करना जरूरी है और शादियों में फिजूलखर्ची ना करें। इसके अलावा उन्होंने बताया कि हमने यह निर्णय लेकर शादी की है। उन्होंने कहा कि मैं शुरुआत से ही फिजूल खर्च के खिलाफ हूँ। शादी में फिजूलखर्च से ना केवल लड़की के परिवार पर बोझ पड़ता है बल्कि पैसों का दुरुपयोग भी होता है।

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