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डिंपल यादव की ननद ने की है एक बड़े IAS अफसर से शादी, दिखने में ऐसी है अखिलेश यादव की लाड़ली बहन

देश के सबसे बड़े सूबे के सबसे बड़े कद के नेताजी मुलायम सिंह यादव का अमूमन पूरा ही परिवार राजनीति में सक्रिय है. अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और मुलायम तो मुख्यमंत्री भी बन चुके है. अब इस परिवार की महिलाएं भी राजनीति में सक्रिय हो रही है. मुलायम की बहू डिंपल यादव (Dimple Yadav) सांसद भी रह चुकी हैं. डिंपल यादव की एक नंनद भी है जिनका नाम है अनुभा यादव (Anubha Yadav). अनुभा, मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव (Shivpal Singh Yadav) की बेटी हैं.

अनुभा मुलायम सिंह यादव के भी काफी करीबी है. शिवपाल यादव और सरला देवी के दो बच्चों में से अनुभा उनकी बड़ी बेटी है. शिवपाल के एक बेटे हैं जिनका नाम आदित्या यादव है. अनुभा की शादी हो गई है. उनके पिता शिवपाल ने अपनी बेटी की शादी IAS अफसर से की है. शिवपाल के दामाद और अनुभा के पति का नाम अजय यादव है. अजय तमिलनाडु काडर के आईएएस अधिकारी है. आपको बता दें कि डिंपल यादव की ननद अनुभा अपने पेशे से एक डॉक्टर है. उन्होंने पढाई में एमडी किया हुआ है.

शिवपाल यादव की बेटी टेंडर पाम नाम से मल्टी स्पेशियालिटी हॉस्पिटल का भी संचालन करती है. वर्ष 2020 में शिवपाल ने ही हवन पूजा के साथ अस्पताल का शुभारंभ किया था. बता दें कि शिवपाल यादव ने एक बार दामाद के उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर को लेकर सीधे पीएम मोदी से ही निवेदन कर दिया था. इतना ही नहीं करीब तीन बार दामाद अजय यादव खुद भी कार्मिक एवं प्रशिक्षण केंद्र के विभाग (DOPT) से तमिलनाडू कैडर से ट्रांसफर का आवेदन कर चुके थे. बता दें कि नियमों के मुताबिक 9 साल से पहले ट्रांसफर नहीं मिलता है.

आपको बता दें कि शिवपाल यादव के कहने के बाद मोदी ने सभी तरह के प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के बरेली के बाराबंकी जिले में उनके दामाद को मैजिस्ट्रेट पद पर नियुक्त करवाया था. यहाँ से अजय का ससुराल यानी लखनऊ महज 25 किलोमीटर दूर ही है. बता दें कि समाजवादी पार्टी ने साल 2017 का विधानसभा चुनाव विपरीत परिस्थितियों में लड़ा था. चाचा और भतीजे का परिवारिक विवाद सभी के सामने खुलकर आ गया था. शिवपाल सिंह यादव ने खुद को समाजवादी पार्टी से अलग-थलग कर लिया था. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया का गठन कर लिया था.

चाचा और भतीजे के बीच ये विवाद 2016 में शुरू हुआ था. पार्टी पर एकाधिकार को लेकर शिवपाल और अखिलेश यादव के झगड़े ने परिवार की खूब किरकिरी कराई थी. इसके बाद 2017 में अखिलेश यादव को सत्ता भी गंवानी पड़ी थी. शिवपाल की पार्टी ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन उसे कोई भी सफलता हासिल नहीं हुई. अब खबर यह है कि, आने वाले चुनावों में चाचा-भतीजा की जोड़ी एक बार फिर से साथ नज़र आ सकती है.

इन दोनों को ही 2020 होली में सैफई समारोह के दौरान साथ में देखा गया था. कई सालों बाद यादव परिवार एक ही मंच पर नज़र आया था. इस दौरान अखिलेश ने आगे बढ़कर चाचा के पैर भी छुए थे.

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