बॉलीवुड

फिल्म “लगान” की ये अभिनेत्री अब दिखने लगी ऐसी, इस वजह से ग्रेसी सिंह को लोग कहने लगे थे “घमंडी”

बॉलीवुड इंडस्ट्री में हर किसी का सपना होता है कि वह काम करें और इस इंडस्ट्री में खूब सफलता हासिल करे परंतु इंडस्ट्री में कदम रखना जितना कठिन है उससे कहीं ज्यादा इस इंडस्ट्री में टिक पाना है। रोजाना ही लोग फिल्म इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाने के लिए आते हैं परंतु कुछ लोग होते हैं जो अपने आपको यहाँ स्थापित करने में सफल होते हैं। वहीं कुछ कलाकार ऐसे भी होते हैं जो अपनी पहली ही फिल्म से रातों-रात स्टार बन जाते हैं परंतु धीरे-धीरे यह गुमनामी के अंधेरे में खो जाते हैं। उन्ही कलाकारों में से एक अभिनेत्री ग्रेसी सिंह हैं।

ग्रेसी सिंह का जन्म 20 जुलाई 1980 को दिल्ली में हुआ था और उनके पिता स्वर्ण सिंह दिल्ली में एक बड़ी प्राइवेट कंपनी में ऊंचे पद पर कार्य करते थे और उनकी माताजी वरजिंदर कौर टीचर थीं। बचपन में माता-पिता का यह सपना था कि उनकी बेटी खूब पढ़-लिखकर इंजीनियर या डॉक्टर बने लेकिन पढ़ाई के बाद वह मॉडलिंग में आ गयीं।

आपको बता दें कि ग्रेसी सिंह ने आमिर खान के साथ फिल्म लगान से बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपना कदम रखा था। ग्रेसी सिंह की पहली ही फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी परंतु इसके बावजूद भी अभिनेत्री फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गईं। शुरुआती संघर्षों के दौरान ग्रेसी सिंह ने टीवी शो “अमानत (1997)” में मुख्य अभिनेत्री के रूप में रोल किया था। कुछ धारावाहिकों में काम करने के बाद ग्रेसी सिंह को फिल्मों में काम करने के प्रस्ताव मिलने लगे थे।

डायरेक्टर आशुतोष गोवारीकर को फिल्म “लगान” के लिए क्लासिकल डांस करने वाली एक अभिनेत्री की तलाश थी, जो गांव की लड़की जैसी नजर आए। जब ग्रेसी सिंह ऑडिशन के लिए पहुंचीं तो सैकड़ों लड़कियों के बीच उनको सेलेक्ट कर लिया गया था और इस फिल्म के बाद उनका करियर चल पड़ा।

ग्रेसी सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान यह बताया था कि वह क्लासिकल क्लासिकल डांसर बनना चाहती थीं लेकिन एक्टर बन गईं। उन्होंने बताया कि उनका सपना था कि एक बार कुछ ऐसा कर जाएं कि फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा के लिए नाम हो जाए। इसलिए जब फिल्म लगान में उन्हें अभिनेत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ तो वह अपने उसी रोल में पूरी तरह से रम गई थीं और शूटिंग के दौरान आसपास के लोगों से बातचीत नहीं करती थीं। वह अपने रोल पर पूरा ध्यान देती थीं।

ऐसा बताया जाता है कि ग्रेसी सिंह को जब लगान में अभिनेत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ तो बाद में वह अपने रोल में इतना खो गई थीं की शूटिंग के दौरान आसपास के लोगों से बिल्कुल भी बात नहीं करती थीं। वह अपना सारा समय रिहर्सल पर लगाती थीं। शूटिंग के लोग पीठ पीछे ग्रेसी सिंह को घमंडी कहते थे।

आपको बता दें कि ग्रेसी सिंह ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई फिल्मों में काम किया है। अभिनेत्री ने प्रकाश झा की फिल्म “गंगाजल” में भी काम किया। इस फिल्म में वह अजय देवगन के ऑपोजिट नजर आई थीं परंतु इस फिल्म के अंदर ग्रेसी सिंह का किरदार बहुत छोटा सा था, जिसकी वजह से उनको नुकसान का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2004 में संजय दत्त की फिल्म “मुन्ना भाई एमबीबीएस” में उन्होंने काम किया परंतु इस रोल से भी उनको कुछ खास फायदा नहीं हो पाया था।

जब ग्रेसी सिंह को बॉलीवुड में फिल्में मिलना बंद हो गई तो वह बी ग्रेड फिल्मों में काम करने लगीं। आपको बता दें कि साल 2008 में ग्रेसी सिंह ने कमाल आर खान यानी केआरके की फिल्म “देशद्रोही” में काम किया था। जब ग्रेसी सिंह ने देखा कि फिल्मों में अब कोई भी गुंजाइश नहीं है तो ऐसी स्थिति में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और टीवी इंडस्ट्री की तरफ अपना रुख मोड़ लिया।

 

ग्रेसी सिंह ने “संतोषी मां” धारावाहिक में मुख्य रोल प्ले किया था और इस किरदार से उनको अच्छी खासी लोकप्रियता भी हासिल हुई। टीवी के साथ-साथ ग्रेसी सिंह ने साल 2009 में डांस एकेडमी शुरू की, जहां पर वह डांस सिखाया करती थीं।

फिलहाल इन दिनों ग्रेसी सिंह अध्यात्मिक प्रवचन में समय गुजार रही हैं। वह ब्रह्मकुमारी आध्यात्मिक संगठन के सदस्य हैं और अधिकतर समय आध्यात्म की ट्रेनिंग लेने और देने में व्यतीत करती हैं।

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