बॉलीवुड

पाई-पाई को मोहताज हुईं “नदिया के पार” की हीरोइन सविता बजाज, कहा- अमीर रिश्तेदार बहुत हैं लेकिन..

अक्सर देखा गया है हिंदी फिल्म जगत में काम करने वाले सितारों को लेकर सभी लोगों के मन में अलग-अलग ख्याल आता है। ज्यादातर सभी लोगों के मन में यही रहता है कि हिंदी सिनेमा के सभी कलाकार बहुत अमीर हैं और उनके पास धन दौलत की कमी नहीं है। लोग ऐसा मानते हैं कि अगर वह जीवन भर बैठ भी जाएं तो उनको किसी भी चीज की कमी नहीं होगी। उनके पास लाखों करोड़ों की संपत्ति होगी। परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मनोरंजन जगत के ऐसे बहुत से कलाकार हैं जो इस समय के दौरान आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। उन्हीं में से एक फिल्म “नदिया के पार” की “गुंजा” का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री सविता बजाज हैं, जो पाई-पाई को मोहताज हैं।

आपको बता दें कि सविता बजाज की उम्र 79 साल की है और वह 70 के दशक से हिंदी सिनेमा में तरह-तरह के किरदार निभाते हुए आ रही हैं। सविता बजाज आनंद, नदिया के पार, रॉकी, आहिस्ता आहिस्ता जैसे तमाम फिल्मों में बेहतरीन भूमिकाएं निभा चुकी हैं और उन्होंने अपने किरदार से लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। इसी बीच सविता बजाज ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बताया है कि उनकी हालत बिल्कुल ठीक नहीं है। बातचीत में उन्होंने अपना दर्द बयां किया है।

आपको बता दें कि सविता बजाज कुछ महीने पहले कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं, जिसके चलते उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में एडमिट होना पड़ा था। उसके बाद में अब सविता बजाज कोरोना के बाद होने वाली जटिलताओं का सामना करने के लिए मजबूर हो चुकी हैं। कोरोना नेगेटिव होने के बावजूद भी उनको दो बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ गया। इलाज के दौरान अस्पताल के भारी-भरकम बिल चुकाते-चुकाते सविता बजाज की सारी जमा पूंजी खत्म हो गई। अब वह बिलों को चुकाने के लिए बॉलीवुड से जुड़े हुए लोगों से सहायता मांगने के लिए मजबूर हो गईं।

फिलहाल सिने ऐंड टेलिविज़न आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) एसोसिएशन की सदस्य और फिल्म व टीवी अभिनेत्री नूपुर अलंकार सविता बजाज को अपनी बहन जिज्ञासा के कांदिवली स्थित घर में ले आईं, ताकि उनका बेहतर ख्याल रखा जा सके और यहां आने के बाद सविता बजाज बेहद खुशी हैं। वह नूपुर और जिज्ञासा के साथ अपना परिवार मानकर रह रही हैं। बता दें कि सविता बजाज का ज्यादातर जीवन अकेलेपन में ही गुजरा है, जिसका दर्द उनकी बातों से साफ साफ तौर पर झलकता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान अपने जीवन के सुनहरे सफर और बाद में पैदा हुए संघर्ष के हालातों के बारे में विस्तार से बातचीत की है।

सविता बजाज ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बताया था कि “मेरे रिश्तेदारों की बात ना की जाए तो बेहतर है।” मगर थोड़ा सोचने के बाद वह बड़ी तल्खी से कहती हैं। अपनों के पास जब ज्यादा पैसे आते हैं तो वह आलीशान घर खरीदते हैं, बड़ी-बड़ी गाड़ियां खरीदने हैं, जरूरतमंद रिश्तेदार की सहायता कोई नहीं करता। उनकी बात ना की जाए तो अच्छा है। मौके पर वह किसी जरूरतमंद के किसी काम नहीं आते हैं।” सविता बजाज का ऐसा कहना है कि उनके अमीर रिश्तेदारों की कोई कमी नहीं है।”

उन्होंने बताया कि “कई करीबी रिश्तेदार देश से लेकर विदेशों तक में अच्छा पैसा कमा रहे हैं। मगर मुसीबत के समय में सविता की मदद करने के लिए कोई भी नहीं आया है।” उन्होंने बताया कि एक अर्से से वह अकेले ही मुंबई में किराए के घर में अपना जीवन गुजार रही हैं, इन सबके बावजूद सविता बजाज अपने किसी भी रिश्तेदार का नाम लेकर उनको बदनाम करने के बारे में नहीं सोचती हैं। सविता बजाज ने अपने किसी भी रिश्तेदार का नाम नहीं बताया। और अपनी शादी ना होने के बारे मैं भी उन्होंने कुछ नहीं कहा है।

आपको बता दें कि सविता बजाज नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पास आउट हैं। स्कूल के दिनों से ही उन्होंने नाटकों में काम करना शुरू कर दिया था और वह पढ़ाई में भी बहुत अच्छी थीं। जब वह पढ़ाई कर रही थीं तो उस समय के दौरान सविता बजाज को एक लड़के से प्यार हो गया था। दोनों ही एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे परंतु दोनों के परिवार वालों को यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। यहां पर भी जाति की बात आ गई थी। लड़का दूसरी जाति का था और उसकी खराब आर्थिक स्थिति भी सविता के परिवार के लिए एक बड़ा मुद्दा बना हुआ था। सविता बजाज का ऐसा कहना है कि “वह मेरा पहला और सच्चा प्यार था। अगर मेरे मां-बाप उसी लड़के से शादी कर देते तो बहुत अच्छा होता। तो फिर क्या इसके बाद कभी उन्होंने शादी नहीं की।” उन्होंने कहा कि “हर किसी की जिंदगी में कई सीक्रेट्स होते हैं, हर बात को बताई नहीं जा सकती है।

सविता बजाज ने हाल ही में सचिन पिलगांवकर के एक इंटरव्यू के दौरान उनके द्वारा जब यह बात कही गई थी कि लोगों को भविष्य की मुसीबतों से बचने के लिए बचत करनी चाहिए ताकि बुरे वक्त में वह पैसे काम आएं तब इस पर उन्होंने कहा है कि “उन्होंने मेरी आर्थिक मदद की, जिसकी मुझे बहुत खुशी है। मगर सचिन को ऐसा नहीं कहना चाहिए था। मेरी भी तो कोई मजबूरी रही होगी। तभी तो मुझे लोगों की सहायता लेनी पड़ रही है। ऐसा नहीं है कि पहले मेरे पास सेविंग्स नहीं थी। 2 साल पहले हुए हादसे और फिर कई बार अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने के चलते मेरी सारी सेविंग्स खत्म हो गई।” उन्होंने बताया कि “एक चरित्र अभिनेत्री को काम करने के लिए कितने पैसे मिलते हैं, यह आप ही बताइए।”

सविता बजाज का ऐसा कहना है कि उन्होंने हमेशा से ही खुद ही पैसे कमा कर अपनी जिंदगी गुजारी है। उन्होंने कहा कि वह जिंदगी भर दूसरों से सहायता लेने में गुरेज करती रही हैं परंतु अब हालत ही कुछ ऐसी बन गई है कि उनको इंडस्ट्री के लोगों से सहायता लेनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि “मैं सभी को बहुत शुक्रगुजार हूं, सभी बहुत अच्छे लोग हैं।”

Back to top button