स्वास्थ्य

दो बच्चों के बीच इतने साल का होना चाहिए अंतर, जानिए जल्दी और देर से मां बनने के नुकसान

शादी होने के बाद हर लड़की का यही सपना होता है कि वह जल्द से जल्द एक बच्चे की मां बने। जब कोई लड़की शादी के बाद मां बनती है तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं होता है। हर कोई इंसान जल्द से जल्द एक बच्चे की चाहत रखता है। हर शादीशुदा जोड़ा यही चाहता है कि वह जल्दी बच्चे के माता-पिता बने और कई कपल्स तो ऐसे भी हैं जो एक से ज्यादा बच्चे को जन्म देने की इच्छा रखते हैं ताकि परिवार का बैलेंस बना रहे।

अक्सर देखा गया है कि एक बच्चे के जन्म के बाद कपल्स दोबारा से अपनी फैमिली प्लानिंग करने लगते हैं और जल्द ही दूसरे बच्चे की चाहत रखते हैं परंतु सिर्फ बच्चे को जन्म देना ही फैमिली प्लानिंग तक सीमित नहीं होता है। अगर आप पहले बच्चे के बाद दूसरा बच्चा चाहते हैं तो इसके बीच अंतर होना बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा अगर देर से भी कोई महिला मां बनती है तो इससे नुकसान होता है। अगर कोई काफी कम समय में दूसरे बच्चे की तैयारी कर रहा है तो ऐसी स्थिति में बहुत सी समस्याएं खड़ी होने लगती हैं।

जब किसी की नई-नई शादी होती है तो उनको इस बात का पता नहीं होता कि पहले बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के बीच कितने साल का अंतर होना चाहिए। अगर जल्दी-जल्दी दूसरे बच्चे की प्लानिंग की जाए तो इसकी वजह से समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। अगर आप भी शादीशुदा हैं और दूसरे बच्चे की योजना बना रहे हैं परंतु दूसरा बच्चा कब करना चाहिए और कितने साल और इंतजार करना चाहिए, यह बातें समझ नहीं आ रही हैं तो आज हम आपको इस लेख के माध्यम से दो बच्चों के बीच आपको कितने साल का अंतर रखना चाहिए? इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

दो बच्चों के बीच कितने साल का होना चाहिए अंतर?

अध्ययन के अनुसार, अगर कोई कपल अपने दूसरे बच्चे का प्लान कर रहा है तो ऐसी स्थिति में दो बच्चों के बीच कम से कम डेढ़ साल से दो साल का अंतर होना जरूरी है। अगर कोई कपल डेढ़ साल से पहले दूसरे बच्चे की योजना कर रहा है तो ऐसी स्थिति में आपके होने वाले दूसरे का वजन कम हो सकता है। इतना ही नहीं बल्कि समय से पहले बच्चा पैदा होने की भी संभावना रहती है।

वैसे देखा जाए तो एक्सपर्ट से ज्यादा आपको इस बात का पता होता है कि आप अपना परिवार कब आगे बढ़ाना चाहते हैं और आपको कब दूसरा बच्चा चाहिए। अगर कम अंतर में और जल्दी से दूसरी प्रेग्नेंसी कर लेते हैं तो इसकी वजह से लाभ और नुकसान दोनों ही होते हैं।

जल्दी-जल्दी बच्चा करने से यह नुकसान होते हैं

यदि दूसरे बच्चे के दौरान आप दोनों की आयु बहुत कम है तो ऐसी स्थिति में प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां का पूरा ध्यान रखना चाहिए। आप इस बारे में डॉक्टर की भी सहायता ले सकते हैं। आपको बता दें कि कुछ अध्ययन के अनुसार, यदि आपकी दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच एक साल से कम का गैप होता है तो ऐसी स्थिति में पहले डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं बल्कि कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में मां की जान को भी जोखिम रहता है।

अगर पहली डिलीवरी सी सेक्शन है तो दूसरे बच्चे को जल्दी पैदा करने से माता के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है। पहली डिलीवरी के दौरान लगने वाले टांके अगर अच्छी तरह से नहीं सुख पाए हैं तो ऐसे में दूसरी डिलीवरी प्लान कर लेते हैं तो वह बहुत जल्दी खुल सकते हैं।

जानिए देर से मां बनने के क्या नुकसान होते हैं?

अगर दो बच्चों के बीच लंबे समय का अंतर रखा जाए तो ऐसी स्थिति में कई बार प्रजनन क्षमता कमजोर होने लगती है जिसके कारण दूसरे बच्चे की ख्वाहिश अधूरी रह सकती है। अगर ज्यादा उम्र में बच्चे को जन्म दिया जाए तो इसकी वजह से कई प्रकार की स्वास्थ्य से जुड़ी हुई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

आपको बता दें कि कुछ एक्सपर्ट्स का ऐसा बताना है कि पहले बच्चे के बाद 3 साल का अंतर पर रखा जा सकता है क्योंकि अगर आप इतना अंतर रखते हैं तो ऐसे दोनों बच्चों की देखभाल ठीक प्रकार से कर सकते हैं। पहले बच्चे के बाद दूसरे बच्चे में 3 साल का अंतर रखने की वजह से पहला बच्चा तब तक चलने फिरने लगता है और वह खुद ही खेलता है। ऐसे में आप दूसरे बच्चे पर पूरा ध्यान दे सकते हैं। कभी भी फैमिली प्लानिंग करते वक्त किसी के दबाव में ना आएं और अपने घर की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही दूसरे बच्चे को पैदा करने की प्लानिंग करें।

Back to top button