बॉलीवुड

सलमान खान के पिता सलीम की प्रेम कहानी है बेहद दिलचस्प, पहली बीबी के साथ रहते हुए की दूसरी शादी

हेलेन के हुस्न पर दिल दे बैठे थे सलमान खान के पिता। फ़िर ऐसे रचाई थी दूसरी शादी। जानिए सलीम खान की प्रेम कहानी...

बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हैं। जिन्होंने दो या तीन चार शादियां की है। जी हां भले ही हमारा हिन्दू समाज पुरुषों को सिर्फ़ एक शादी की इजाज़त देता है, लेकिन बॉलीवुड में कई ऐसे हिन्दू और मुस्लिम कलाकार हैं। जिन्होंने एक से ज्यादा शादियां की। कईयों ने पहली पत्नी से तलाक़ लेकर शादी की तो कईयों ने पहली पत्नी के होते हुए ही सबकुछ भूलाकर दूसरी शादी कर ली। यहां हम आपको बॉलीवुड की एक ऐसे ही शख्सियत के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

जिन्होंने बिना तलाक दिए दो शादियां रचाई हैं और वह दोनों पत्नियों के साथ खुशहालपूर्वक जीवन भी बिता रहे हैं। तो आइए जानते हैं ऐसी शख्सियत के बारे में…

बता दें कि हमारा समाज जब भी एक दाम्पत्य जीवन के बारे में परिकल्पना करता है। तो वह एक खुशहाल और सुखी वैवाहिक जीवन के बारे में ही चर्चा करता है। लेकिन, शायद ही आपने कभी ये देखा हो कि दो शादियां करने वाला व्यक्ति भी खुशहाल हों, वह भी बिना पहली पत्नी को तलाक दिए हुए।आज हम बॉलीवुड के एक ऐसी शख्सियत के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जिन्होंने, ऐसा कर दिखाया है।

जी हां! हम बात कर रहे हैं अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) के पिता और स्क्रीन राइटर सलीम खान (Salim Khan) की। बता दें कि बॉलीवुड पटकथा लेखक सलीम खान न केवल अपने लेखन के चलते फेमस हैं, बल्कि वह दो पत्नियों और पांच बच्चों के साथ सहजता से कॉम्बिनेशन बनाए रखने के लिए भी लोकप्रिय है।

बात सलीम खान के जन्म की करें। तो उनका जन्म 24 नवंबर, 1935 को ब्रिटिश भारत में एक रियासत इंदौर राज्य के बालाघाट शहर में (आधुनिक मध्य प्रदेश) में एक संपन्न परिवार में हुआ था। वहीं बड़े होने पर, उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अपने करियर के विकल्प के रुप में चुना। एक बार, उन्हें फिल्म डायरेक्टर के. अमरनाथ ने एक शादी समारोह में देखा। उनके लुक को देखकर अमरनाथ बहुत प्रभावित हुए, जिसके बाद उन्होंने सलीम खान को अपनी फिल्म ‘बारात’ में सपोर्टिंग रोल के लिए ऑफर किया।

इसके लिए उन्होंने, उन्हें 1000 रुपए साइनिंग अमाउंट और 400 रूपए प्रति महीने की सैलरी भी ऑफर की। सलीम ने इस ऑफर को मान लिया और वो मुंबई शिफ्ट हो गए। बाद में उन्होंने कुछ और भूमिकाएं निभाई। लेकिन, बहुत कोशिशों के बाद भी सलीम एक्टिंग में बहुत आगे नहीं बढ़ पाए।

इसके बाद सलीम खान ने जावेद अख्तर के साथ मिलकर पटकथा और संवाद लिखने में अपना लोहा मनवाया। उनके सबसे पॉपुलर स्क्रीनप्ले में ‘सीता और गीता’, ‘शोले’, ‘अंदाज़’ और ‘डॉन’ शामिल हैं। इस तरह उन्होंने अपने करियर को आकार दिया।

कुछ ऐसे हुई सलीम खान के प्यार की शुरूआत और रचाई शादी…

कहते हैं कि प्यार हमेशा खास होता है, लेकिन पहला प्यार कुछ ज्यादा ही खास होता है। तो, जिस महिला ने पहली बार सलीम खान का दिल जीता, वो हैं सुशीला चरक। सलीम पांच साल के लिए सुशीला के साथ रिश्ते में थे और 1964 में उन्होंने सुशीला से शादी कर ली। सुशीला एक डोगरा राजपूत पिता और महाराष्ट्रीयन मां की बेटी थी। वह उनसे 1958 में अपनी शादी से 6 साल पहले मिले थे। वहीं शादी के बाद सुशीला ने अपना नाम बदलकर सलमा खान रख लिया। सलीम खान की पहली पत्नी सलमा से उन्हें तीन बेटे सलमान खान (1965), अरबाज खान (1967), सोहेल खान (1969) और एक बेटी अलवीरा (1970) हैं।

एक्ट्रा मैरिटल रिलेशन के बाद रचाई दूसरी शादी…

बता दें कि सलीम और सुशीला एक साथ जीवन की यात्रा पर चल रहे थे। और दोनों अपने परिवार से बहुत खुश थे। लेकिन, इसी बीच इस प्यार में उस ज़माने की मशहूर कैबरे डांसर और अभिनेत्री हेलेन रिचर्डसन की एंट्री हो गई। साल 1962 में फिल्म ‘काबिल खान’ के दौरान सलीम खान की मुलाकात हेलन से हुई। हेलन इतनी खूबसूरत थीं कि उन्हें देखते ही सलीम खान दिल दे बैठे। उस वक्त सलीम पहले से ही शादीशुदा थे।

फिल्मों में काम नहीं मिलने से हेलन बहुत परेशान रहती थी। उस वक्त सलीम खान ने उनकी सहायता की। फिर धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए। दोनों का रिलेशनशिप काफी लंबा चला। सलीम ने इस रिश्ते को सम्मान और नाम देने का फैसला किया। यहां तक कि हेलेन खुशी से सलीम की दूसरी पत्नी बन गई। दोनों लोग 1980 में विवाह के बंधन में बंध गए। हेलन की भी ये दूसरी शादी थी। 1957 में हेलन ने अपने से 27 साल बड़े डायरेक्टर पीएन अरोड़ा से शादी की थी, जो बाद में टूट गई थी।

बता दें कि अपने पति सलीम को धोखा देते हुए देखना पहली पत्नी सुशीला के लिए बहुत दुखदायी था। बच्चे भी पिता के इस फैसले से खुश नहीं थे, और वे उन भावनाओं और यादों से दूर जाने लगे, जो वे अपने पिता के साथ साझा करते थे। सलीम के इस फैसले ने परिवार को परेशान कर दिया था। लेकिन, निराशा और उदासी के बावजूद, सुशीला के पास कोई विकल्प नहीं था और उन्हें अपने पति के साथ-साथ हेलेन के साथ घर साझा करना पड़ा। बच्चे मां सुशीला के साथ चले गए और हेलेन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे।

दोनों के बीच चयन करने के बजाय, सलीम ने अपने जीवन में दोनों पत्नियों को जगह दी। सलीम ने परिवार को हेलेन की शांत और सौहार्दपूर्ण प्रकृति का एहसास कराया और कहा कि वह घर तोड़ने वाली नहीं है। बच्चों को भी दिखाई देने लगा कि वह सौतेली मां की तरह नहीं है। समय बीतने लगा, और धीरे- धीरे समय के साथ घाव भरता गया। हेलेन और सुशीला के बीच के रिश्ते अच्छे हो गए।

दोनों महिलाएं एक ही छत के नीचे दोस्तों की तरह रहने लगीं और बच्चों ने भी हेलेन को अपनी मां के रूप में मानना शुरू कर दिया।अर्पिता खान हेलेन और सलीम की इकलौती बेटी हैं, जिन्हें उन्होंने गोद लिया है। सलमान अपनी बहन अर्पिता को बहुत प्यार करते हैं। फिलहाल, सलीम खान अपनी दोनों पत्नियों और सभी बच्चों के साथ खुशहालपूर्वक जीवन बिता रहे हैं।

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