धार्मिक

सूरत के हीरा कारोबार के घर में स्थापित है 1 हजार करोड़ के गणपति, बेहद दिलचस्प है इस प्रतिमा की कहानी

हर साल विराजते हैं 1 हजार करोड़ के बप्पा, हीरे से बनी है प्रतिमा

पूरे देश में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इन दिनों हर जगह भगवान गणपति के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। लोग अपने बजट के अनुसार गणेश उत्सव मनाते हैं और पूरे विधि-विधान से बप्पा की पूजा करते हैं। लेकिन एक ऐसा भी घर जहां करीब 1 हजार करोड़ रुपए की कीमत के गणपति स्थापित होते हैं। जी हां.. बप्पा की मूर्ति की इस कीमत को जानकर आप हैरान जरूर हो गए होंगे लेकिन यह सच है। सूरत के हीरा कारोबारी के पास दुनिया के सबसे महंगे गणपति बप्पा है और हर साल वे इन्हीं बप्पा की पूजा करते हैं।

surat

कहा जाता है कि, करीब 20 साल पहले हीरा कारोबारी कनु भाई बेल्जियम पहुंचे थे। इस दौरान कच्चा हीरा खरीदते समय उन्हें गणपति बप्पा के आकार का हीरा मिला था। इसके बाद कल्लू भाई ने इस हीरे को भगवान की प्रतिमा समझकर अपने घर में रख लिया और इस हीरे को अपने लिए शुभ मानने लगे।

surat

कनु भाई के मुताबिक, जब उन्होंने यह कच्चा हीरा खरीद लिया तो वह घर लेकर आए और पिताजी को बताया। इस दौरान उनके पिता ने कहा कि, यह गणेश प्रतिमा का आकार है। इसके बाद घर के सभी लोगों ने इस हीरे को घर में ही रखने का फैसला कर लिया। जिस दिन इस हीरे को घर में स्थापित किया गया उसी दिन परिवार की तकलीफ दूर हो गई तो हमारे घर के सभी सदस्यों की आस्था और विश्वास बप्पा के प्रति मजबूत हो गया।

surat

कनु भाई ने बताया कि, गणेश उत्सव के दौरान इसी प्रतिमा को स्थापित किया जाता है। न सिर्फ हमारे आस पड़ोस के लोग बल्कि बिजनेस से जुड़े सभी लोग भी एक बार हमारे घर इस प्रतिमा के दर्शन करने जरूर आते हैं। वहीं हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर भी हमारा पूरा परिवार हीरे से बने गणपति की ही पूजा करते हैं।

surat

सूरत के रहने वाले कनु भाई के मुताबिक, एक हीरे को बनने में कई साल लगते हैं। ऐसे में इस हीरे को देखने के बाद लगता है कि यह काफी कीमती और सदियों पुराना है। उन्होंने बताया कि कोहिनूर हीरा 104 कैरेट का होता है बल्कि गणेश प्रतिमा का मिला यह हीरा 184 कैरेट का है। ऐसे में इसकी कीमत भी करीब 1 हजार करोड़ रुपए तक आंकी गई है।

surat

कनुभाई असौदरिया का कहना है कि, साल 19-20 में इस हीरे की अंतरराष्ट्रीय कीमत 500 से 600 करोड़ आंकी गई थी। हालांकि कनु भाई का मानना है कि, वो कीमत के मामले में ईश्वर द्वारा बनाई गई इस खूबसूरत प्रतिमा को आंकने वाले होते कौन हैं? उनके लिए यह हीरा कोहिनूर हीरे से भी ज्यादा मूल्यवान है।

surat

हीरे की बनी इस प्रतिमा की सबसे खास बात यह है कि, यह प्राकृतिक प्रतिमा है यानिकि किसी ने इसे बनाया नहीं है। इसका स्वरूप प्राकृतिक रूप से ही गणेश जी के समान है। इस प्रतिमा पर किसी तरह की बनवाटी कारीगिरी नहीं की गई है। कई संथाओं का भी मानना है कि इस हीरे से कोई छेड़-छाड़ नहीं की गई है बल्कि इसका आकार कुदरती है।

Back to top button