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जिस पर लगा पति के मर्डर का आरोप उसी से रचाई थी शादी, अपनी ही सौतन से चुनाव हारी थी ये BJP नेता

उत्तर प्रदेश में फरवरी मार्च 2022 से विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां इसकी तैयारी में लग गई है। हर पार्टी अपने अपने मजबूत प्रत्याशियों को मैदान में चुनाव लड़ने उतारना चाहती है। ऐसे में अलग अलग नेता और उनकी आपसी रंजिश और प्रतिद्वंदिता भी चर्चा का विषय बनने लगी है। इसी कड़ी में आज हम आपको दो ऐसी महिला नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपस में न सिर्फ सौतन हैं बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंदी भी हैं। हम यहां बात कर रहे हैं रानी अमीता सिंह और गरिमा सिंह की।

अमीता अमेठी एक राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। वे अमेठी विधानसभा क्षेत्र से दो दफा विधायक रह चुकी हैं। उनके बारे में दिलचस्प बात ये रही कि वे बीजेपी और कांग्रेस दोनों की टिकट पर जीत हासिल कर चुकी हैं। साल 2002 में वे बीजेपी के टिकट पर जीती थी तो वहीं वर्ष 2007 में उन्होंने कांग्रेस की टिकट के सहारे जीत का ताज पहना था।

अमीता सिंह ने देश के मशहूर बैडमिंटन प्लेयर सैयद मोदी संग सात फेरे लिए थे। हालांकि 1989 में सैयद मोदी का मर्डर हो गया था। इस मर्डर का आरोप अमेठी राजघराने के राजकुमार और कांग्रेस के बड़े नेता संजय सिंह पर लगा था। लेकिन बाद में उन्हें इन सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था।

इस घटना के बाद अमीता सिंह ने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने हर किसी को चौका दिया। उन्होंने उस शख्स से शादी रचा ली जिसके ऊपर उनके पति के मर्डर का आरोप लगा था। साल 1995 में उन्होंने कांग्रेस नेता संजय सिंह से शादी कर ली थी। यहां हैरत की बात ये थी कि संजय सिंह पहले से शादीशुदा थे, लेकिन फिर भी अमिता का दिल उनके ऊपर आया।

संजय सिंह की पहली पत्नी का नाम गरिमा सिंह है। वे पूर्व प्रधानमंत्री और मांडा के राजा रहे वी पी सिंह की भतीजी हैं। ऐसे में अमीता सिंह और गरिमा सिंह रिश्ते में एक दूसरे की सौतन हुई। लेकिन इनका रिश्ता सिर्फ सौतन होने तक ही सीमित नहीं रहा, ये एक दूसरे की राजनीतिक प्रतिद्वंदी भी रहीं।

साल 2017 में जब विधानसभा चुनाव हुए थे तो अमीता सिंह अपनी सौतन गरिमा सिंह के खिलाफ खड़ी हुई थी। हालांकि वह अपनी सौतन से यह चुनावी जंग हार गई थी। उस दौरान गरिमा बीजेपी के टिकट पर लड़ी थी जबकि अमीता कांग्रेस का टिकट लेकर खड़ी हुई थी।

बाद में अमीता सिंह ने फिर से यूटर्न लिया और वे बीजेपी में शामिल हो गई। ऐसे में दो सौतनों के बीच की यह रंजिश और भी दिलचस्प हो गई। अब जनता को इस बात का इंतजार है कि इस बार अमेठी की सीट से संजय सिंह की दोनों पत्नियों में से भाजपा किसे टिकट देती है।

वैसे इन दोनों सौतनों में से आपकी फेवरेट कौन है हमे कमेंट कर जरूर बताएं। वैसे कुछ लोग तो ये भी कहते हैं कि अमीता सिंह और उनकी सौतन गरिमा सिंह की कहानी इतनी दिलचस्प और फिल्मी है कि इसके ऊपर एक बॉलीवुड फिल्म बननी चाहिए। यदि ऐसा हुआ तो यकीनन ये फिल्म खूब चलेगी।

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