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किस्सा: मुसीबत में फंसी गर्भवती महिला की कोई नहीं कर रहा था सहायता, तब मायावती आई थीं आगे

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव बहुत ही जल्द शुरू होने जा रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सबसे बड़ी चुनौती, अपनी कुर्सी बचाना है। वहीं दूसरी तरफ पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी दोबारा से सत्ता हासिल करने की पूरी पूरी कोशिश करते हुए नजर आएंगे। अगर हम बीएसपी (BSP) चीफ मायावती की बात करें तो इनका जिक्र किए बिना यूपी की राजनीति की कल्पना भी करना नामुमकिन हो सकता है। आपको बता दें कि मायावती देश की राजनीति का बहुत बड़ा नाम है।

मायावती उत्तर प्रदेश की 4 बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। इतना ही नहीं बल्कि लोकसभा और राज्यसभा की सदस्य भी रही हैं। मायावती बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने सत्ता के साथ-साथ आने वाली कठिनाइयों का भी सामना किया है। 15 जनवरी 1956 को बेहद मामूली परिवार में जन्मी मायावती ने अपने राजनीतिक करियर में जिन ऊंचाइयों को छुआ है, वह हर किसी को नसीब नहीं होती है।

आपको बता दें कि 15 जनवरी को नई दिल्ली में जन्मी मायावती के पिता प्रभु दास, गौतम बुद्ध नगर में एक डाकघर कर्मचारी थे। मायावती के 6 भाई और दो बहने हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बसपा प्रमुख के जीवन से जुड़ा हुआ एक किस्सा बताने वाले हैं, जिसको खुद मायावती ने शेयर किया था।

आपको बता दें कि साल 2009 में मायावती की बायोग्राफी पब्लिश हुई थी और इस बुक का नाम “बहन जी: एक पॉलिटिकल बायोग्राफी ऑफ मायावती” था। अजय बोस इस बुक के लेखक हैं। इस बुक में मायावती ने अपने जीवन से जुड़ा हुआ एक किस्सा बताया है कि उन्होंने किस प्रकार से एक बार एक गर्भवती महिला की सहायता की थी। मायावती ने यह बताया कि “जब वह दिल्ली में रहती थीं तो उनके घर के पास में ही एक दंपत्ति रहता था।”

मायावती ने बताया है कि “उस दंपत्ति में से महिला के लिए मोहल्ले में बातें होती थीं कि वह किसी खतरनाक संक्रमण वाले रोग से पीड़ित है। उन्होंने बताया कि कोई भी उस दंपति के घर पर नहीं जाता था और ना ही उससे कोई भी बात करता था।” उन्होंने आगे बताया कि “कुछ सालों बाद वह महिला प्रेग्नेंट हुई। एक दिन उस महिला का पति घर पर नहीं था और उस महिला को अचानक ही लेबर पेन शुरू हो गया था। दर्द के मारे वह महिला कराह रही थी, लेकिन उसकी सहायता के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा था।”

जब मायावती को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने महिला की मदद करने की सोची। उस समय के दौरान मायावती की उम्र लगभग 18-19 साल की होगी।

मायावती को माँ ने संक्रमण की बात करते हुए उस महिला के पास जाने से मना कर दिया था। उनकी मां ने मायावती से यह भी कहा कि वह प्रेग्नेंट है, और तुम्हें तो इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। क्या करोगी वहां जाकर, रहने दो।

मायावती ने महिला की मदद करने का सोच लिया था और उन्होंने सारी बातों को दरकिनार किया और महिला की सहायता के लिए पहुंच गईं। मायावती ने उस महिला को अस्पताल पहुंचाया जहां पर उस महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। बकौल मायावती- महिला के पति को जब यह बात पता चली तो उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कि बच्चों को सबसे पहला आशीर्वाद इन बहन जी का मिलना चाहिए। बिना इनके ये बच्चा इस दुनिया में नहीं आ पाता।

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