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बुजुर्ग ने अपनी करोड़ों की जायजाद जिलाधिकारी के कर दी नाम, बोले- बेटे से रहता हूं परेशान

माता-पिता जैसा दुनिया में कोई नहीं होता है। जब बच्चों पर किसी भी प्रकार की परेशानी खड़ी होती है तो मां-बाप सबसे ज्यादा चिंतित हो जाते हैं और अपने बच्चों को उस परेशानी से निकालने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। माता-पिता दिन रात मेहनत करके अपने बच्चे की सारी खुशियों को पूरा करते हैं। अपने बच्चों की खुशी के खातिर अपनी खुशियों को भी त्याग कर देते हैं।

हर मां-बाप यही चाहते हैं कि उनके बच्चे का भविष्य उज्जवल हो सके परंतु अक्सर ऐसे कई मामले सुनने और देखने को मिल जाते हैं, जिसे जानकर मन बहुत दुखी हो जाता है। आजकल के जमाने में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो अपने माता-पिता का ख्याल ठीक से नहीं रखते हैं, जिसके चलते मां-बाप परेशान रहते हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के आगरा से एक मामला सामने आया है, जहां पर एक बुजुर्ग ने अपनी सारी जायदाद आगरा के जिला अधिकारी के नाम कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुजुर्ग व्यक्ति ने अपनी संपत्ति की वसीयत की कॉपी भी आगरा सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी है। इस बात की जानकारी खुद बुजुर्ग ने दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्ति की संपत्ति करीब 2 करोड़ रूपए बताई जा रही है। इसके साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि यह बुजुर्ग व्यक्ति पेशे से मसाला व्यापारी है और यह अपने बड़े बेटे से बहुत परेशान रहते हैं। बुजुर्ग के द्वारा यह बताया गया है कि उनके द्वारा यह कदम काफी सोच समझने के बाद उठाया गया है।

दरअसल, हम आपको जिस मामले के बारे में बता रहे हैं यह आगरा के पीतलमंडी निरालाबाद से सामने आया है, जहां के निवासी बुजुर्ग व्यक्ति गणेश शंकर पांडेय ने लगभग 225 वर्ग गज की संपत्ति आगरा के जिला अधिकारी के नाम लिखवा दी है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान बुजुर्ग व्यक्ति ने यह बताया कि “घर में किसी चीज की कमी नहीं है। सब आराम से चल रहा है।”

उन्होंने बतया कि “उनका बड़ा बेटा दिग्विजय, बहू और दो पोते-पोती उनके साथ ही रहते हैं लेकिन कुछ समय से उनका बड़ा बेटा दिग्विजय उनसे लगातार संपत्ति की एक चौथाई भाग की मांग कर रहा है। बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी परेशानी का कारण यही है। गणेश शंकर पांडेय का ऐसा बताना है कि “दिग्विजय को व्यापार पर बैठाने की उन्होंने खूब कोशिश की और उन्होंने उसे समझाने का भी पूरा प्रयास किया परंतु उनका बेटा सुनने को बिल्कुल भी राजी नहीं है।

बुजुर्ग व्यक्ति का ऐसा बताना है कि उनका बेटा दिग्विजय संपत्ति के लिए उन्हें परेशान करता रहता है, इसी उलझन की वजह से उन्होंने अपनी सारी संपत्ति जिलाधिकारी के नाम लिखवा दी है। वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले में शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ए के सिंह ने यह कहा कि बीते बृहस्पतिवार को उनके पास एक बुजुर्ग आए थे, जो पीपल मंडी निरालाबाद के निवासी हैं। उन्होंने उनसे अपने बेटे से परेशान होने की बात कही थी और बुजुर्ग व्यक्ति ने अपनी पूरी संपत्ति जिलाधिकारी के नाम लिख दी।

आपको बता दें कि गणेश शंकर पांडेय रजिस्टर्ड वसीयत भी साथ में लेकर आए थे। मजिस्ट्रेट ने उनकी संपत्ति के सारे कागज ले लिए। गणेश शंकर पांडेय ने जो अपनी संपत्ति जिलाधिकारी आगरा के नाम की है, वह दो करोड़ रुपए के करीब बताई जा रही है।

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