स्वास्थ्य

तेजी से पाँव पसार रहा है Omicron, जानिए क्या है इसके लक्षण?

यदि दिखाई दे ये लक्षण तो समझ ले आप Omicron संक्रमित है

देशभर में Omicron वेरिएंट अपने पांव तेजी से पसार रहा है। अब तक Omicron के देशभर में 97 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से केवल 28 मरीज महाराष्ट्र में ही है। वहीं मुंबई में Omicron वेरिएंट के 12 मरीज सामने आए हैं। कोविड-19 के Omicron वेरिएंट ने लोगों में एक बार फिर से दहशत फैला दी है।

इसी बीच मन में सवाल उठ रहे हैं कि Omicron को पहचानने के लक्षण क्या है और व्यक्ति कैसे समझेगा कि वो इस वायरस का शिकार हो चुका है। तो आइए जानते हैं कौन से वह लक्षण जिनके होने से पता चलता है कि, व्यक्ति Omicron से घिर चुका है?

सबसे पहले तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में करीब 36 राज्यों में Omicron के मामले सामने आ चुके हैं तो वहीं भारत में भी हर दिन इसके नए केस मिलते जा रहे हैं। मुंबई में जहां 12 केस है तो वहीं दिल्ली में करीब 10 केस सामने आए हैं। ऐसे में कुल मिलाकर पूरे देश में आंकड़ा 100 के करीब पहुंचने वाला है। Omicron की तेज रफ्तार देखते हुए इसके लक्षण का जानना बहुत ही जरूरी हो गया है ताकि हम इस Omicron से पूरी तरह से बच सकें।

कोरोना के इस नए वेरिएंट के बारे में पूरी तरह से जानने के लिए वैज्ञानिक लगातार रिसर्च कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि, डेल्टा वेरिएंट की तुलना में Omicron में कुछ लक्षण अलग है। दक्षिण अफ्रीका स्थित डिस्कवरी हेल्थ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ रेयान नोच के मुताबिक Omicron संक्रमण का सबसे पहला संकेत गले में खरोच जैसी स्थिति हो, लूज मोशन, नाक बंद होना, सूखी खांसी, मांसपेशियों और पीठ के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रही डॉक्टर एंजेलिक कोएत्ज़ी ने भी बताया कि कुछ मरीजों को रात में बहुत अधिक पसीना आने की भी दिक्कत सामने आ रही है। इसके अलावा थकान और कमजोरी की भी समस्या देखने को मिली है। यदि किसी को भी इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो विशेष रूप से डॉक्टरों को दिखाने की जरूरत है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि, “ओमिक्रॉन इंफेक्शन से होने वाली गंभीरता के बारे में अभी हम बहुत ज्यादा नहीं जानते हैं। मुझे लगता है कि वैक्सीनेटेड और पहले संक्रमित हो चुके लोगों में इसके हल्के लक्षण देखे जा सकते हैं। हालांकि, खराब इम्यूनिटी वालों पर इसका असर पिछले वैरिएंट्स जैसा ही हो सकता है। इसलिए हॉस्पिटल प्लानिंग के मामले में हमें बदतर हालात से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।”

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