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वैष्णों देवी हादसे में बेटे के सामने मां की दर्दनाक मौत, 3 साल पहले पिता का भी हुआ निधन

वैष्णो देवी हादसा: 19 साल के बेटे के सामने हुई 38 वर्षीय मां की मौत, पिता 3 साल पहले छोड़ गए साथ

नए साल के मौके पर माता वैष्णों देवी मंदिर परिसर में मची भागदौड़ में हरियाणा के झज्जर की रहने वाली एक महिला की भी दर्दनाक मौत हो गई। झज्जर जिले के बेरी इलाके की रहने वाली 38 वर्षीय ममता अपने 19 साल के बेटे आदित्य के साथ माता वैष्णों देवी के दर्शन करने के लिए पहुंची थी। रिपोर्ट की मानें तो ममता और उसके बेटे ने वैष्णों देवी के दर्शन अच्छे से कर लिए थे। दोनों माँ बेटे काफी उत्साहित होकर उधर से लौट रहे थे, लेकिन बीच में ही ममता हादसे का शिकार हो गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

vaishno devi accident

रिपोर्ट की मानें तो दोनों ममता और बेटा आदित्य देवी के दर्शन करने के बाद करीब रात 2:30 बजे वापस आ रहे थे। इसी दौरान परिसर में अचानक भगदड़ मच गई। इस भगदड़ के कारण दोनों मां-बेटे का हाथ छूट गया। बेटे की तलाश करते करते ममता भीड़ की ओर चली गई तो वह बुरी तरह कुचली गई, जिसके कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इधर बेटा आदित्य लगातार अपनी मां को ढूंढता रहा। जब चीख-पुकार के बीच थोड़ी शांति हुई तो आदित्य को जानकारी मिली कि उसकी मां की भगदड़ हादसे में जान चली गई। मां की मौत की खबर सुन बेटे के हाथ पैर सन्न रह गए। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि, वह क्या करें। हालाँकि आदित्य पूरी तरह सुरक्षित रहा।


कहा जा रहा है कि बेरी से ममता का पूरा परिवार कटरा पहुंच गया है और उसका शव जल्द ही बेरी लाया जाएगा। आदित्य को माँ की मौत गहरा सदमा दे गई क्योंकि उसके पिता सुरेंद्र का 3 साल पहले ही किसी बीमारी के चलते निधन हो गया था। ऐसे में अब उसके सिर से मां का साया भी उठ गया।

कहा जा रहा है कि ममता अपनी सास और 19 साल का बेटा आदित्य और एक 13 साल की बेटी के साथ खुशी खुशी रह रहे थे। इसी बीच उन्होंने माता वैष्णो देवी के दर्शन के बारे में फैसला किया था।

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कैसे हुआ हादसा?
दरअसल, शुक्रवार को देर रात माता वैष्णों देवी के मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ हो गई थी। ऐसे में कई लोग जल्दी बाहर निकलना चाहते थे तो कई लोग माता के दर्शन करने के लिए जल्दी पहुंचना चाहते थे। ऐसे में भीड़ में शामिल दो लोगों के बीच किसी बात पर बहस हुई और फिर यह बहस लड़ाई-झगड़े में तब्दील हो गई।

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फिर इस लड़ाई ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि भगदड़ में 12 लोगों की जान चली गई और 13 से 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। रिपोर्ट की माने तो श्री माता वैष्णों देवी भवन में भगदड़ में मारे गए सभी श्रद्धालुओं की पहचान हो गई है। प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे में मारे जाने वाले लोगों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की। जबकि घायलों को 2 लाख रुपए देने का ऐलान किया गया है।

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