अजब ग़जब

हैदराबाद में महिला ने “जलपरी” जैसे बच्चे को दिया जन्म, देखकर लोगों को नहीं हुआ यकीन

आप सभी लोगों ने अपने दादा-दादी, मां और अपने आसपास के बड़े बुजुर्गों से जलपरी की कहानियां सुनी होंगी और आपने कई फिल्मों में भी जलपरी देखी होगी। लेकिन अगर आपकी आंखों के सामने सच में जलपरी आ जाए तो उस वक्त आपकी प्रतिक्रिया कैसी होगी? शायद इन सभी बातों की सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है।

वास्तव में जलपरी का सच किसी को भी मालूम नहीं है। जब छोटे थे तो हमें लगता था कि जलपरी सच में है, लेकिन क्या किसी ने कभी जलपरियों को सच में देखा है? वास्तविक जीवन में हमेशा किसी ने भी उन्हें नहीं देखा है।

लेकिन इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिस पर विश्वास करना काफी कठिन हो सकता है। हैदराबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां पर एक महिला ने अनोखे बच्चे को जन्म दिया, जिसका आधा शरीर इंसान और आधा मछली की आकृति का है यानी कि यह बच्चा “जलपरी” जैसा दिखता है।

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं भगवान की लीला को समझ पाना आम इंसान के बस की बात नहीं है। भगवान की लीला ही अपरंपार है। इस सृष्टि में कब क्या होने वाला है इसके बारे में आज तक कोई भी पता नहीं लगा पाया है। विज्ञान भले ही दिन पर दिन तरक्की करता जा रहा है परंतु कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिनका हल उनके पास बिल्कुल भी नहीं है।

वहीं अगर हम चिकित्सा के क्षेत्र में बात करें तो यहां रोजाना नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कई गंभीर बीमारियों के इलाज के बारे में भी खोजा जा रहा है लेकिन जो हैदराबाद से मामला सामने आया है उसके आगे डॉक्टर भी हैरान हो गए।

हैदराबाद के हॉस्पिटल में आधा इंसान और आधा मछली का शरीर वाला अनोखा बच्चा हुआ पैदा

रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद में पेटलाबुर्ज मैटरनिटी हॉस्पिटल में एक अनोखे बच्चे ने जन्म लिया है। दरअसल, यह बच्चा “जलपरी” जैसा था और यह अधिक देर तक जिंदा नहीं रह पाया। जब इस बच्चे को परिवार और डॉक्टर ने देखा तो वह भी चकित रह गए थे। यह रेयर बीमारी है, जो 10 साल में से किसी एक बच्चे में पाई जाती है। इसे मरमेड सिंड्रोम (Mermaid Syndrome) कहा जाता है। वहीं बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो इस बच्चे को “मत्स्य मानव” भी कह रहे हैं। इस बच्चे का आधा शरीर इंसान का और आधा शरीर मछली की आकृति के जैसा है।

शरीर के कई अंग गायब

एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई बच्चा मरमेड सिंड्रोम का शिकार है तो इसकी वजह से उसका ऊपरी हिस्सा तो इंसानों की तरह ही रहता है परंतु निचला हिस्सा पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है। खबरों के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि इस बच्चे के दोनों पैरों की हड्डियां नहीं थी। वही उसके शरीर के निचले हिस्से की हड्डियां आपस में जुड़ी हुई थीं।

इसके अलावा उसका लिंग, पेल्विस, दोनों किडनियां और पेट के कई अंग गायब थे। इतना ही नहीं बल्कि रीढ़ की हड्डी में भी कमी थी। निचला हिस्सा मछली की पूंछ की तरह से दिखाई दे रहा था। यह बच्चा जलपरी की तरह नजर आ रहा था परंतु यह जन्म के कुछ ही घंटे तक जिंदा रहा। उसके बाद इसने दम तोड़ दिया। अल्ट्रासाउंड जांच में भी बच्चा इस बीमारी से ग्रसित है, इसका पता नहीं लगाया जा सकता।

ऐसे मामले पहले भी आ चुके हैं

हालांकि यह पहला मामला नहीं है, इससे भी कई इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं। साल 2018 में भी महाराष्ट्र में कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिला था। यहां पर ऐसे ही बच्चे ने जन्म लिया था परंतु वह सिर्फ 15 मिनट तक ही जीवित रह पाया था। इससे पहले साल 2017 में भी इसी तरह के बच्चे को एक महिला ने जन्म दिया था। उस बच्चे के दोनों पैर आपस में चिपके हुए थे परंतु जन्म के वह 4 घंटे के बाद ही वह दुनिया छोड़ कर चला गया।

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