समाचार

घूस लेते पकड़ी गई महिला अफसर, हंसते हुए बोली- कोई मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आए तो मना नहीं कर सकते

समय के साथ-साथ दुनिया जैसे-जैसे विकसित हो रही है, वैसे-वैसे हम देखते हैं कि किस प्रकार से लोग अपनी नैतिकता खो रहे हैं। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसी चीजें इतनी आम हो चुकी हैं, कि हर कोई इस पर आंख मूंद लेता है। इसी बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक मामला निकल कर सामने आया है। जहां भ्रष्टाचारी महिला अधिकारी लाखों रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई, जिसके बाद अपनी रिश्वत को जायज ठहराते हुए एंटी करप्शन की टीम से बेशर्मी के साथ हंसते हुए बोली कि “मंदिर में कोई प्रसाद चढ़ाने आता है तो उसे मना नहीं कर सकते।”

दरअसल, यह पूरा मामला राजस्थान के जयपुर विकास प्राधिकरण (Jaipur Development Authority) से सामने आया है। जयपुर विकास प्राधिकरण में चल रहे रिश्वतखोरी के खुले खेल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कार्यवाही करते हुए पकड़ा है। यहां उपायुक्त के पद पर तैनात राजस्थान प्रशासनिक सेवा की बड़ी अधिकारी ममता यादव रिश्वत लेते हुए पकड़ी गई हैं। जब उनको रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, तो उन्होंने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी। जब उनसे घूस लेने पर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कहा कि कोई मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आता है तो मना नहीं कर सकते हैं।

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम के द्वारा सोमवार के दिन प्राधिकरण के जोन-चार में तैनात ममता यादव को रिश्वत मांगने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। इसके साथ ही चार अन्य कर्मचारियों को भी अरेस्ट किया गया है। इन सभी से पूछताछ मंगलवार के दिन की गई।

कई लोग रिश्वत कांड में थे शामिल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक बीएल सोनी के द्वारा ऐसा बताया गया है कि शहर के सिद्धार्थ नगर निवासी एक व्यक्ति ने यह शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके और मित्र के चार प्लॉट हैं। इनके पट्टे देने के बदले में ममता यादव ने साढ़े छह लाख रुपये की डिमांड कर रही थीं और इंजीनियर श्याम मालू साढ़े तीन लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे, जिसकी शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी की टीम ने कार्यवाही करते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण में चल रहे रिश्वतखोरी के इस मामले का भंडाफोड़ किया।

जब शिकायत मिली तो इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह ने अधिकारियों पर निगरानी रखनी शुरू कर दी। सोमवार को पैसे लेकर पट्टे देने की बात तय हुई। दोपहर के बाद शिकायतकर्ता पैसे लेकर प्राधिकरण के दफ्तर पहुंच गया। यहां पार्किंग में इंजीनियर श्याम मालू पैसे लेने के लिए पहुंचा तो एसीबी ने उसे अरेस्ट कर लिया।

जब श्याम मालू से पूछताछ की गई तो उसके बाद ममता यादव के दफ्तर में काम कर रहे सहायक लेखाधिकारी राम तूफान और कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश और विजय मीणा को भी अरेस्ट कर लिया गया। इन सभी से पूछताछ के बाद ममता यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी ने इन सभी आरोपियों के घर पर भी रेड की। ममता यादव के घर से 1 लाख 45 हजार नगद, जमीनों के कागजात और लॉकर मिले हैं। वहीं इंजीनियर श्याम मालू के घर से 50 हजार नगद, जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। सहायक लेखाधिकारी राम तूफान के घर से 3 लाख 45 हजार रुपये नगद मिले हैं। विजय मीणा के घर से एक लाख नगद और जमीनों के कागजात मिले हैं। वही कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश के घर से एसीबी को दो लाख नगद मिले।

ACB महानिदेशक ने बताया हेल्पलाइन नंबर

एसीबी के महानिदेशक ने सभी प्रदेशवासियों से अपील करते हुए यह बताया है कि किसी भी भ्रष्टाचार के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24X7 पर संपर्क कर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। आपको बता दें कि किसी भी राज्य की भ्रष्टाचार विरोधी टीम उस राज्य की सरकार और केंद्र सरकार के कर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होती है।

Related Articles

Back to top button