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लड़की अपने प्रेमी से करना चाहती थी शादी लेकिन रोड़ा बना था परिवार, एक चिट्ठी ने बदल दी किस्मत

प्यार वह चीज होती है जिसे इंसान महसूस करता है। प्यार शब्द सुनने से भी मन को बहुत अच्छा महसूस होने लगता है। हर किसी व्यक्ति को अपने जीवन में कभी न कभी प्यार जरूर होता है और जब प्यार होता है तो उसका जीवन नया सा लगने लगता है। ऐसा कहा जाता है कि प्यार करने वाले अपने प्यार को पाने के लिए सारी दुनिया से लड़ने को तैयार हो जाते हैं और हर संभव प्रयास करके प्रेमी-प्रेमिका जीवनभर साथ रहना चाहते हैं।

अक्सर देखा गया है कि दो प्यार करने वालों के बीच कोई न कोई बाधा जरूर उत्पन्न हो जाती है। सबसे पहले तो परिवार वाले ही राजी नहीं होते हैं। इसी बीच कोरिया में एक प्रेमी जोड़े का एक अनोखा विवाह का मामला सामने आया है। दरअसल, प्रेमिका अपने प्रेमी की अर्धांगिनी बनना चाहती थी। परंतु परिवार वाले बिल्कुल भी राजी नहीं हो रहे थे। ऐसी स्थिति में लड़की ने अपने परिवार वालों के सामने गुहार लगाई कि एक बार उस लड़के को देख लें जिसे वह चाहती है।

लेकिन परिवार वाले लड़की की एक भी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। वह लड़की की भावनाओं को बिल्कुल नहीं समझे और ना उसकी क़द्र की। इतना ही नहीं बल्कि परिवार वालों ने लड़की के घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी। इसके बाद लड़की ने एसपी-आईजी से लेकर राज्य महिला आयोग तक को चिट्ठी लिखी।

आखिर में प्रेमिका को जीत हासिल हो गई और काउंसलिंग के बाद पुलिस पहरे में प्रेमिका अपने प्रेमी के साथ विवाह के बंधन में बंध गई और इसी के साथ सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाई। प्रेमी-प्रेमिका की शादी पटना राम-जानकी मंदिर में बड़े ही धूमधाम के साथ हुई और इस शादी के गवाह बने गांव वाले।

लड़की के परिवार वालों को रिश्ता नहीं था पसंद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरिया जिले के पटना क्षेत्र के ग्राम अमहर निवासी 22 वर्षीय मनीषा कुशवाहा पड़ोसी जिले सूरजपुर के ग्राम बंजा निवासी 23 वर्षीय शैलेंद्र कुशवाहा से प्यार करती थी और इन दोनों का प्रेम 3 साल से चल रहा था। मनीषा अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी परंतु यह रिश्ता लड़की के घरवालों को बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वह लड़की की शादी लड़के के साथ कराने के लिए राजी नहीं हुए। अपने परिजन की यह बात सुनने के बाद लड़की बहुत ज्यादा परेशान हो गई थी।

लड़की के बाहर निकलने पर लगा दी पाबंदी

लड़की अपने परिवार वालों से बार-बार यही कह रही थी कि जिस लड़के से वह प्यार करती है उसे एक बार देखने के बाद ही निर्णय लें। परंतु परिवार वालों ने लड़की की भावनाओं को नजरअंदाज कर दिया। वहीं लड़की के घर से कहीं भी आने-जाने पर उन्होंने पाबंदी लगा दी।

लड़की ने डाक से भेजी थी चिट्ठी

लड़की ने आखिर में परेशान होकर 25 जनवरी को अपनी समस्या को लिख कर पोस्ट के जरिए एक चिट्ठी राज्य महिला आयोग, पुलिस महानिरीक्षक अंबिकापु,र पुलिस अधीक्षक कोरिया, महिला बाल विकास विभाग को भेजा था। मामले की जांच करने के लिए पटना थाना प्रभारी सौरभ द्विवेदी, प्रधान आरक्षक राम प्रकाश तिवारी, महिला उज्वला होम प्रबंधक कल्पना शर्मा, संरक्षण अधिकारी वितबाला श्रीवास्तव, पटना व बैकुंठपुर सुपरवाइजर विमला भगत और शिला एक्का की टीम लड़की के घर पर पहुंच गई, जिसके बाद उन्होंने परिवार वालों का बयान लिया। और लड़की को उज्वला होम भेज दिया गया था।

काउंसलिंग के बाद हुआ विवाह

लड़की और लड़के के परिवार वालों को महिला उज्वला होम में बुलाया गया। जिसके बाद उनकी काउंसिलिंग हुई। दोनों के परिवार वालों ने अपनी अपनी राय रखी और आपसी सहमति से विवाह करने की सहमति दी गई। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में महिला बाल विकास विभाग ने गुरुवार को वैदिक रीति-रिवाज के साथ पटना के राम-जानकी मंदिर में युवक एवं युवती का विवाह धूमधाम के साथ करवाया गया।

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