अजब ग़जब

इस मिस्त्री के आगे बड़े बड़े इंजीनियर भी फेल, बिना ईंट से बना दिया पक्का मकान

जब भी आप अपने लिए किसी घर की कल्पना करते हैं तो उसमें आपको पक्का, सुंदर और सुसज्जित महान ही दिखाई देता है। अब बात पक्के मकान की है तो उसमें सबसे पहले तो नाम ईंट का ही दिमाग में आएगा। बचपन से हमने सिखा है। पक्का मकान मतबल ईंट सिमेंट से बना हुआ मकान।

लेकिन क्या आप ऐसा भी सोच सकते हैं कि आपका घर पक्का भी होगा और बिना ईंट का भी हो। जी नहीं आप यहीं सोचेंगे कि दोनों चीजें एक साथ कैसे हो सकती है। भला बिना ईंट के कोई पक्का मकान कैसे खड़ा कर सकता है।

पक्का मकान बनाने के लिए तो ईंट सबसे ज्यादा ही जरुरी है। इसी लिए तो ईंट के भाव भी आसमान पर है। लेकिन कैसा हो कि हम आपको कुछ ऐसा बताए जिसमें आपका घर पक्का भी हो और उसमें आपको ईंट का इस्तेमाल भी नहीं करना पड़े। यानी कि इसमें आपके ईंट के पैसे भी सीधे सीधे बचाए जा सकते हैं।

जी हां ऐसा हो सकता है, बिहार के एक बढ़ई ने इसे सच कर दिखाया है। दरअसल बिहार के भागलपुर के घोघा में रहने वाले इस मजदूर ने बिना ईंट के अपने लिए पक्का मकान बना कर सबको अपनी ओर अकर्षित कर लिया हैै।

सिर्फ इतना ही नहीं अब लोग दूर दूर से इस बिना ईंट के मकान को देखने के लिए आ रहे हैं। लोग इस मजदूर यहीं जानना चाहते हैं कि आखिर कैसे उसने बिना ईंट के पक्का मकान बना लिया। तो आइए जरा इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

कौन है ये मजदूर जिसने बना दिया बिना ईंट का मकान

घोघा के दिलदारपुर, पन्नूचक इलाके में गणपत शर्मा नाम के इस बढ़ई ने अपने लिए बिना ईंट का घर बनाया है। इस घर को गणपत ने छत की तरह ढलाई करके बनाया है। इस घर में गणपत ने तीन कमरे और एक बरामदा रखा है।

मकान के दिवारों को भी चार से पांच इंच मोटा रखा गया है। घर को बनाने के लिए गणपत ने सिमेंट और रेत का सहारा लिया हैं। गणपतत पैशे से बढ़ई है। इसलिए वे अच्छे से जानते हैं कि एक घर को कैसे बनाया जा सकता है।

इसके लिए उन्होंने किसी और मजदूर की भी सहायता नहीं ली। गणपत ने इस घर को बनाने के लिए ना किसी मिस्त्री, ना ही कोई अन्य व्यक्ति की मदद उन्होंने खूद ही अपने इस घर को तैयार किया हैै।

इतना ही नहीं गणपत ने अपने इस घर के खिड़की दरवाजों के चाौखट के लिए भी सिर्फ सीमेंट और रेत ही इस्तेमाल की है। आमतौर पर घर बनाने में दरवाजे औैर खिड़की की चौखट के लिए लोग लकड़ी का ही इस्तेमाल करते है। लेकिन गणपत ने यहां अपना हुनर दिखाते हुए कुछ नया किया है।

खर्चे मे भी होती है कमी

बिना ईंट के इस पक्के मकान को गणपत ने मात्र 18 महिनों में ही तैयार कर दिया। इतना ही नहीं आप यह जानकर भी हैरान रह जाएंगे कि इस तरह से मकान बनवाने से घर बनाने के खर्च में भी काफी बचत हो जाती हैै। गणपत के मुताबिक इस तरह के घर के लिए 30 से 35 फीसदी तक कम खर्च आता है।

इस तरह के घर बनाने के लिए गण पत को मिली प्रेरणा के लिए वह बताते है कि शुरु से ही उनकी कुछ नया करते रहने की सोच रही है। ऐसे में जब ईंटों के दाम चुकाने के लिए उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे तब उन्होंने बिना ईंट के ही घर बनाने की ठान ली।

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