अजब ग़जब

इस जनजाति की बेहद अजीब है परंपरा, बेटी को अपने पिता से ही करनी होती है शादी, जानें वजह

पापा वह होते हैं जो कभी नरम तो कभी गरम अंदाज में अपने बच्चों को अनुशासन और व्यावहारिकता का पाठ पढ़ाते हैं। पापा ही नई पीढ़ी के सपनों को पंख फैलाने का आसमान देते हैं। इसी खुले आकाश में आज बेटियां बेहिचक उड़ान भर रही हैं। समय के साथ-साथ जमाना बदलता जा रहा है और इस बदलते जमाने में एक मजबूत ढाल बन रहे हैं पापा। हर घर में बेटियां अपने पापा की लाडली होती हैं।

वैसे यह कहा जाता है कि बेटी मां के करीब होती हैं परंतु बेटियां अपने पापा के ज्यादा करीब होती हैं। बाप-बेटी का रिश्ता बहुत ही पवित्र माना जाता है। पिता अपनी बेटी को पालने और पढ़ाने से लेकर हर चीज में उसका साथ देते हैं और जब वह अपनी बेटी की शादी करते हैं तो विधि-विधान पूर्वक कन्यादान करते हैं।

जैसा कि हम सभी लोग यह बात भली-भांति जानते हैं कि हिंदू धर्म में लड़कियों को घर के लक्ष्मी का दर्जा दिया जाता है और उनकी घर में इज्जत भी होती है लेकिन दुनिया में एक ऐसी जगह भी है, जहां बेटियों की शादी उसके पिता से ही करवा दी जाती है।

जी हां, आप लोग बिल्कुल सही सुन रहे हैं। दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां पर बेटियों की शादी उसके पिता से कराई जाती है। भले ही आपको यह बात सुनने में थोड़ी अजीब लग रही होगी, परंतु इस बात में सच्चाई है। दुनिया में ऐसी कई अजीबोगरीब प्रथाएं हैं और उन्हीं में से यह भी एक है।

इस जनजाति में है ये कुप्रथा

आपको बता दें कि बांग्लादेश दुनिया का एक ऐसा देश है जहां की मंडी जनजाति में लड़कियों की शादी उनके पिता से ही करा दी जाती है। आप सभी लोग इस अनूठी परंपरा के बारे में सुनकर हैरत में पड़ गए होंगे, लेकिन यह बात सच है। अंग्रेजी वेबसाइट “द गार्डियन” के अनुसार, यह परंपरा आज भी बांग्लादेश के मंडी जनजाति में व्याप्त है। बांग्लादेश में रहने वाली मंडी जनजाति में लड़कियों की शादी उनके पिता से ही करा दी जाती है।

इसी जनजाति की एक 30 वर्षीय महिला ओरोला कहती हैं कि जब वह बहुत छोटी थी तब उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। ऐसे में उसकी मां की शादी नॉटेन नाम के किसी दूसरे आदमी से कर दी गई थी और उसके बाद वह हमेशा अपने दूसरे पिता को देखकर सोचती थी कि वह कितने अच्छे हैं। एक प्रकार से देखें तो यह लड़की कहीं ना कहीं अपने दूसरे पिता को पसंद करती थी।

ये परंपरा आज भी चली आ रही है

ओरोला आगे कहती हैं कि जब वह अपनी जवानी के दिनों की तरह बढ़ीं तो पता चला कि उनके दूसरे पिता नॉटेन ही उनके पति हैं और यह खबर सुनते ही ओरोला को जैसे लगा कि वह कोई सपना देख रही है लेकिन यह एक सच था और ओरोला की शादी उसके पिता के साथ तब कर दी गई थी जब वह सिर्फ 3 वर्ष की थी। वहीं इसमें जो हैरान कर देने वाली बात है, वह यह है कि यह प्रथा आज भी बांग्लादेश के मंडी जनजाति में चली आ रही है।

जानिए कैसे निभाई जाती है कुप्रथा

आपको बता दें कि इस कुप्रथा में कम उम्र में जो लड़कियां विधवा हो जाती हैं, उनकी दूसरे व्यक्ति से शादी करवा दी जाती है और जब वह महिला किसी बेटी को जन्म देती है तो उसकी शादी भी उसी व्यक्ति से करवा दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि जब एक कम उम्र का पति किसी विधवा से शादी करता है और फिर उसे बच्ची होती है तो उसकी शादी भी अपने पिता से ही करा दी जाती है ताकि वह लंबे समय तक दोनों का ख्याल रख सके।

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